उत्तराखंड में नाबालिग से दुष्कर्म, कोर्ट ने 20 साल के लिए भेजा सलाखों के पीछे

नई टिहरी। उत्तराखंड में दुष्कर्म के मामले बढते जा रहे हैं।आए दिन दुष्कर्म और छेडछाड़ के मामले दर्ज किए जा रहे हैं. पुलिस अब तक कई आऱोपियों को सलाखों के पीछे भेज चुकी है लेकिन आरोयों को जरा भी कानून का खौफ नहीं है. आए दिन बच्चियों को हवस का शिकार बनाया जा रहा है। ऐसा ही मामला मुनीकीरेती से मामला सामने आया है।

इस मामले में सुनवाई हुई है। विशेष न्यायाधीश पोक्सो और जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने नाबालिग के साथ दुष्कर्म के आरोपी को 20 साल की सजा सुनाई और साथ ही 40 हजार रुपये अर्थदंड का आदेश दिया। न्यायालय ने अर्थदंड में से 25 हजार रुपये की धनराशि पीड़ि‍ता को अदा करने के भी आदेश दिए हैं।

आपको बता दें कि विशेष लोक अभियोजक चंद्रवीर सिंह नेगी ने बताया कि थाना मुनिकीरेती क्षेत्र के अंतर्गत निवासी एक व्यक्ति ने मुनिकीरेती थाने में तहरीर दी और बताया कि उसकी 14 साल की बेटी 25 अप्रैल 2019 को बिना बताए घर से कहीं चली गई है।उसको ढूंढने के बाद परिवार वालों को पता चला कि पार्किंग में काम करने वाला यूपी एटा निवासी दीपक उनकी नाबालिग बेटी को बहलाकर अपने घर ले गया है। इस दौरान दीपक ने नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया। बाद में पुलिस ने नाबालिग को एटा से बरादम कर आरोपी दीपक को गिरफ्तार कर लिया।

बुधवार को विशेष न्यायाधीश पोक्सो व जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनुज कुमार की अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद गवाह और साक्ष्य के आधार पर को पोक्सो एक्ट में दीपक को दोषी पाते हुए 20 साल कठोर कारावास और 40 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।

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