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लंगूर के मरने पर विधि विधान से अंतिम संस्कार, 1500 लोगों को दिया गया सामूहिक भोज

किसी किसी को जानवरों से बहुत प्यार और लगाव होता है खासकर कुत्ते, बिल्ली, तोते को लोग पालते हैं। और उनकी मौत पर आंसू भी बहाते हैं। मध्य प्रदेश में लंगूर की मौत पर गांव वालों ने सामूहिक भोज दिया जिससे उनका जानवरों के प्रति प्रेम झलका।

आपको बता दें कि मामला राजगढ़ जिले के डालूपुरा गांव का है, जहां पर ठंड से मरे एक लंगूर का विधि विधान से अंतिम संस्कार किया और मृत्यु भोज भी दिया. यह मृत्युभोज शुक्रवार को दिया गया और इसमें करीब 1,500 लोग शामिल हुए. लंगूर की 29-30 दिसंबर की रात को ठंड लगने के कारण गांव में मौत हो गई थी. इसके बाद ग्रामीणों ने 30 दिसंबर को विधि-विधान से लंगूर का अंतिम संस्कार किया था.

डालूपुरा ग्राम पंचायत के पूर्व सरपंच अर्जुन सिंह चौहान ने कहा कि उनके गांव के सभी निवासी बंदरों को भगवान हनुमान का स्वरूप मानते हैं. उन्होंने कहा, ‘हमारे गांव में यह रिवाज है कि यदि गांव में किसी बंदर/लंगूर की मृत्यु हो जाती है तो हम सब गांव के लोग मिलकर उसका अंतिम संस्कार उसी प्रकार करते हैं जिस प्रकार एक मनुष्य की मृत्यु होने के बाद किया जाता है.  इसी क्रम में ग्रामीणों के सहयोग से हमारे गांव में लंगूर की मृत्यु पर शुक्रवार को मृत्यु भोज का आयोजन किया गया जिसमें समस्त कार्यक्रम हिंदू रीति रिवाज के साथ संपन्न किए गए’.  चौहान ने बताया कि इस कार्यक्रम में लगभग 1,500 लोग शामिल हुए और उन्होंने प्रसाद ग्रहण किया.

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