National

भारत में कई लोग खतरनाक सिकल सेल एनीमिया बीमारी से पीड़ित, क्या होते हैं लक्ष्ण जानें यहां

भारत में राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया बीमारी काफी तेजे सी उभर रही है जिसकी रोकथाम जरूरी है। जिसे लेकर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते दिन मध्य प्रदेश के शहडोल में राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन का शुभारंभ किया। मोदी सरकार का लक्ष्य है कि साल 2047 तक भारत इस बीमारी से पूरी तरह मुक्त हो जाए। ये बीमारी काफी खतरनाक है। आइये जानते हैं इस बीमारी के बारें में।

सिकल सेल एनीमिया है जेनेटिक बीमारी

सिकल सेल एनीमिया  एक जेनेटिक बीमारी है जो माता-पिता से बच्चों तक पहुंचती है। ये एक तरह का ब्लड डिसऑर्डर है, जिसमें रेल ब्लड सेल्स का आकार बदल जाता है। इस बीमारी की वजह से शरीर में रेल ब्लड सेल्स सही ढंग से काम नहीं कर पाती, जिसकी वजह से शरीर में खून की कमी हो जाती है।जानकारी के अनुसार, बीमारी की वजह से खून को नसों में ब्लॉकेज हो जाता है, जिसकी वजह से शरीर में खून बनना बंद हो जाता है और शरीर के कई अंगों पर बुरा असर पड़ता है।

देश के 17 राज्य बीमारी की चपेट में

इस बीमारी की चपेट में देश के 17 राज्यों के लगभग 7 करोड़ से आदिवासी लोग हैं। ये बीमारी मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, केरल, ओडिशा, छत्तीसगढ़, झारखंड, गुजरात, महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में फैली हुई है। सबसे ज्यादा मध्यप्रदेश के आदिवासी समाज के लोग इस बीमारी से परेशान हैं।

सिकल सेल मिशन का लक्ष्य

इस मिशन का लक्ष्य है कि साल 2047 तक देश को इस बीमारी से पूरी तरह मुक्त किया जाए। केंद्र सरकार ने इसी साल आम बजट में सिकल सेल मिशन की घोषणा की थी। इस मिशन के जरिए आदिवासी समाज के 7 करोड़ लोगों की स्क्रीनिंग करके उन्हें सिकल सेल कार्ड दिया जाएगा। स्क्रीनिंग के जरिए लोगों को इस घातक बीमारी से बचाया जा सकता है। डॉक्टरों का मानना है कि प्रेंग्नेंसी के 10 सप्ताह के अंदर सिकल सेच और थैलसीमिया की जांच कराने से बच्चो को इस बीमारी से बचाया जा सकता है।

बीमारी के होते हैं यह लक्षण

सिकल सेल एनीमिया में अंगों की क्षति, संक्रमण, शरीर के विभिन्न हिस्सों में तेज दर्द, खून का कमी या एनीमिया, हाथ और पैरों का सूजन, ग्रोथ और प्यूबर्टी में देरी होना, दृष्टि संबंधी समस्याएं, थकान महसूस होना जैसे लक्षण दिखाई देते हैं।

Back to top button
उत्तराखंड की हर खबर
सबसे पहले पाने के लिए!
📱 WhatsApp ग्रुप से जुड़ें