आइये जानिए कैसे होती है ईवीएम से वोटों की गिनती,वीवीपैट मशीन का क्या होता है रोल

देहरादून : आज उत्तराखंड में ये फैसला हो जाएगा कि आने वाले 5 साल कौनसी पार्टी सत्ता में आकर काम करेगी।बस कुछ ही मिनटों बाद मतगणना शुरु हो जाएगी। 8 बजे से काउंटिंग शुरु हो जाएगी। ईवीएम में काउंटिंग के लिए देहरादून में 700 कर्मचारी लगाए गए हैं तो वहीं नैनीताल की विधानसभा सीटों में काउंटिंग के लिए 700 से ज्यादा कर्मचारी लगाए गए हैं।

कई लोग ऐसे हैं जो जानना चाहते हैं कि ईवीएम के वोटों की गिनती कैसे होती है। तो आपको बता दें कि हर राउंड में 14 ईवीएम के वोट गिने जाते हैं। हर राउंड के बाद एजेंट से फॉर्म 17-सी साइन करवाया जाता है। ये एजेंट राजनीतिक पार्टियों के होते हैं। काउंटिंग सेंटर में उम्मीदवार या उनके एजेंट को मौजूद रहने की परमिशन होती है। काउंटिंग केंद्र पर एक ब्लैकबोर्ड भी होता है, जिसमें हर राउंड के बाद किस उम्मीदवार को कितने वोट मिले, ये लिखा जाता है। फिर लाउडस्पीकर से घोषणा की जाती है, जिसे रुझान आना कहते हैं। कुछ ही देर में काउंटिंग शुरु होने वाली है।

वहीं बता दें कि वीवीपैट मशीन का भी अहम रोल होता है। वीवीपैट मशीन एक तरह की मशीन होती है, जो ईवीएम से जुड़ी होती है। मतदान करते समय आपने किसे वोट दिया, उसका ब्योरा इसमें होता है। मतदान करते समय इसे देखा जा सकता है। इससे एक पर्ची निकलती है जिस पर कैंडिडेट का नाम और चुनाव चिह्न होता है। ये पर्ची कुछ सेकंड तक दिखाई देती है, फिर नीचे गिर जाती है।

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