‘स्वर्गीय प्रत्याशी’ आगे, वोटिंग के बाद कोरोना ने ले थी जान, जानिए कौन हैं ये

पश्चिम बंगाल : विधानसभा चुनाव के परिणामों के लिए मतगणना जारी है। परंतु यहां एक सीट ऐसी है जहां स्वर्गीय प्रत्याशी काजल सिन्हा वोटों की गिनती में आगे चल रहे हैं। खारडाह विधानसभा सीट से तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार काजल सिन्हा का पिछले दिनों कोरोना की वजह से निधन हो चुका है। इस सीट पर 22 अप्रैल को मतदान हुआ था। पश्चिम बंगाल में खारडाह  विधानसभा सीट से तृणमूल कांग्रेस ने 59 साल के काजल सिन्हा को अपना उम्मीदवार बनाकर उतारा था। राज्य के स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया था कि निधन से दो दिन पहले सिन्हा के कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई थी। सिन्हा को बेलियाघाट आईडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उनके निधन पर दुख जताते हुए इसे स्तब्ध करने वाला बताया था। बनर्जी ने ट्वीट में लिखा था कि बहुत दुखद। स्तब्ध। खारडाह से हमारी पार्टी के उम्मीदवार काजल सिन्हा का कोविड के कारण निधन हो गया। उन्होंने लोगों की सेवा के लिए अपना जीवन समर्पित किया था। वह तृणमूल कांग्रेस के लंबे समय से प्रतिबद्ध सदस्य थे। हमें उनकी याद आएगी। उनके परिवार और उनके प्रशंसकों के प्रति मेरी संवेदनाएं।

इससे पहले, इस महीने रेवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी (आरएसपी) के जांगीपुर सीट से उम्मीदवार प्रदीप कुमार नंदी और समसेरगंज सीट से कांग्रेस प्रत्याशी रेज़ा उल हक की इस संक्रामक रोग के कारण जान चली गई थी। तृणमूल कांग्रेस के एक उम्मीदवार की विधवा ने पुलिस में शिकायत देकर भारत निर्वाचन आयोग के शीर्ष अधिकारियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किए जाने की मांग की है।

दिवंगत नेता सिन्हा की पत्नी नंदिता सिन्हा ने खारडाह पुलिस थाने में दी अपनी शिकायत में दावा किया है कि उनके पति काजल सिन्हा 21 अप्रैल को कोरोना वायरस से संक्रमित हुए थे और 25 अप्रैल को उनका निधन हो गया। सिन्हा उत्तर 24 परगना जिले के खारडाह विधानसभा क्षेत्र से प्रदेश में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार थे। नंदिता ने निर्वाचन उपायुक्त सुदीप जैन एवं अन्य अधिकारियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धाराओं 269 एवं 270 तथा 304 के तहत मामला दर्ज जाने की मांग की है।

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