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जानें क्या होता है अविश्वास प्रस्ताव? कितना चाहिए समर्थन, कैसे होती है वोटिंग

मणिपुर हिंसा को लेकर विपक्ष सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लेकर आया है। कांग्रेस पार्टी द्वारा लाए गए इस प्रस्ताव पर बहस के लिए मंजूरी मिल गई है। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि वह सभी दलों के नेताओं से बातचीत करके इस पर चर्चा की तारीख के बारे में जानकारी देंगे। आइये जानते हैं क्या होता है अविश्वास प्रस्ताव?

क्या होता है अविश्वास प्रस्ताव

अविश्वास एक संसदीय प्रक्रिया है, जिसके तहत विपक्ष सरकार को चुनौती दे सकता है। अगर प्रस्ताव पारित हो जाता है तो सरकार को इस्तीफा देना पड़ता है। हालांकि यह प्रक्रिया इतनी सरल नहीं है। सरकार के खिलाफ खड़े होने वाले दलों को पहले नोटिस दाखिल करने समेत कई चरणों से गुजरना होता है।

50 सदस्यों का समर्थन जरूरी

नियम के अनुसार लोकसभा का कोई भी सदस्य अविश्वास प्रस्ताव ला सकता है। इस प्रस्ताव को सदन के 50 सदस्यों का समर्थन मिलना जरूरी है। अगर प्रस्ताव को सदन में स्वीकार कर लिया जाता है तो चर्चा के लिए दिन तय किया जाता है। इतना ही सरकार को बहुमत साबित करने के लिए कहा जाता है। अगर सरकार ऐसा करने में विफल होती है तो इस्तीफे का दौर शुरू होता है।

अविश्वास प्रस्ताव पर होती है वोटिंग

लोकसभा में प्रस्ताव पर चर्चा होती है और सरकार को इस पर जवाब देना होता है। चर्चा के बाद लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग होती है। अगर सदन के अधिकांश सदस्य इसका समर्थन करते हैं तो अविश्वास प्रस्ताव पास हो जाता है। वहीं अगर सरकार जीत जाती है तो सत्ता पर बनी रहती है।

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