जानिए क्या होता है Economic Survey? जिसे Budget से पहले किया जाता है पेश
कल 1 फरवरी 2024 को देश का बजट पेश किया जाएगा। ये मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का आखिर बजट होगा और इसे अंतरिम बजट कहा जा रहा है, जबकि पूर्ण बजट इस साल होने वाले आम चुनावों के बाद नई सरकार के गठन के बाद पेश होगा। देश की पूर्णकालीक महिला वित्त मंत्री के रुप में निर्मला सीतारमण अपने कार्यकाल में ये छठा बजट पेश करेंगी। हालांकि ये अंतरिम बजट है, इसलिए आर्थिक सर्वेक्षण नहीं पेश किया जाएगा। लेकिन जब भी पूर्ण बजट पेश किया जाता है, उससे पहले संसद में Economic Survey को रखा जाता है।
आर्थिक सर्वेक्षण बजट का मुख्य आधार होता
हर साल 1 फरवरी के दिन देश का बजट पेश किया जाता है। इससे ठीक एक दिन पहले आर्थिक सर्वेक्षण को सामने रखा जाता है। ये आर्थिक सर्वेक्षण बजट का मुख्य आधार होता है और इसमें इकोनॉमी की पूरी तस्वीर सामने आती है और इसे पिछली वित्तीय साल की समीक्षा के आधार पर तैयार किया जाता है। इसके जरिए सरकार देश की अज्ञर्थव्यवस्था की ताजा हालत के बारे में बताती है। इसमें साल भर के डेवलपमेंट ट्रेंड, किस सेक्टर में कितनी कमाई हुई, किस सेक्टर में कौन सी योजनाएं किस तरह लागू हुईं यह बताया जाता है।
दो पार्ट में पेश होता है आर्थिक सर्वेक्षण
आर्थिक सर्वेक्षण को बजट का मुख्य आधार माना जाता है। लेकिन, ऐसा जरुरी नहीं है कि इसकी सिफारिशों को सरकार लागू ही करे। आर्थिक सर्वेक्षण में सरकारी नीतियों, प्रमुख आर्थिक आंकड़े और क्षेत्रवार आर्थिक रूझनों के बारे में विस्तार से जानकारी देती है। ये दो हिस्सों में पेश होता है, जिसके पहले हिस्सों मे देश की इकोनॉमी की जाता हालत के बारे में जानकारी साझा की जाती है। वहीं दूसरे हिस्सें में विभिन्न सेक्टर्स की प्रमुख आंकड़े प्रदर्शित किए जाते हैं। आर्थिक मामलों के विभाग के मार्गदर्शन में ये दस्तावेज तैयार किया जाता है।
1950-51 में पेश हुआ था पहला Economic Survey
बजट से पहले पेश किया जाने वाला इकोनॉमिक सर्वे काफी खास माना जाता है। इसे पेश करने का सिलसिला 190 से जारी है। वित्त वर्ष 1950-51 में पहली बार देश का इकोनॉमिक सर्वे पेश किया गया था।