खाकी की मानवता, 64 साल की बुजुर्ग के लिए देवदूत साबित हुए SOG के 2 जवान, ऐसे बचाई जान

ऋषिकेश : 64 साल की बुजुर्ग महिला के लिए एसओजी के दो जवान मसीहा साबित हुए। एसओजी के 2 कर्मचारियों कमल जोशी और मनोज कुमार ने अपनी मर्जी से रक्तदान कर एक महिला की जान बचाई। खास बात ये हैं कि आरक्षी कमल जोशी का ये 39वां और आरक्षी मनोज कुमार का 22वां रक्तदान है।

आपको बता दें कि 29 मार्च को कोतवाली ऋषिकेश में बलवंत सिंह परमार ने आकर सूचना दी कि एम्स चौकी में तैनात आरक्षी दरमियान सिंह की मां चंद्रा देवी पत्नी स्वर्गीय विजय पाल सिंह रावत निवासी पशुलोक विस्थापित ऋषिकेश वर्तमान समय में द्विवेदी अस्पताल में भर्ती हैं, जिनके ऑपरेशन के लिए तत्काल A+ रक्त की आवश्यकता है।इस सूचना पर ऋषिकेश कोतवाली प्रभारी निरीक्षक और एसओजी देहात प्रभारी ने अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को स्वेच्छा से रक्तदान करने के लिए बताया गया। जिसपर एसओजी देहात में नियुक्त आरक्षी कमल जोशी व आरक्षी मनोज कुमार द्वारा अपना रक्त ग्रुप ए पॉजिटिव होने का बताकर स्वेच्छा से रक्तदान करने हेतु कहा गया और राजकीय चिकित्सालय ऋषिकेश के रक्त कोष में जाकर स्वेच्छा से तत्काल रक्तदान किया गया।

दोनों कर्मचारियों द्वारा पहले में भी स्वेच्छा से बहुत बार रक्तदान कर घायलों एवं बीमार व्यक्तियों के जीवन की रक्षा की है। आरक्षी कमल जोशी द्वारा आज 39 वा व आरक्षी मनोज कुमार द्वारा आज 22 वा रक्तदान किया गया है।

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