कपिल सिब्बल ने केंद्र सरकार से पूछा क्या POCSO भाजपा पर लागू नहीं, पहलवानों को छोड़ केवल वोटों से मतलब

राज्य सभा के एमपी कपिल सिब्बल ने भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण सिंह के ऊपर पहलवानों द्वारा लगाए गए यौन शोषण के आरोप पर केंद्र सरकार को निशाने पर लिया है। उन्होंने केंद्र सरकार से सवाल पूछा कि क्या बृजभूषण भाजपा से हैं इसिलए POCSO और तत्काल गिरफ्तारी उनके अलावा सभी आरोपियों पर लागू होती है?
कपिल सिब्बल ने किया ट्वीट
सिब्बल ने एक ट्वीट में कहा- “बृजभूषण सिंह: POCSO और 164 बयानों के बाद तत्काल गिरफ्तारी बृजभूषण सिंह के अलावा सभी आरोपियों के लिए लागू होती है। क्योंकि, 1. वह भाजपा से हैं। 2. प्रतिष्ठित महिला पहलवानों से कोई फर्क नहीं पड़ता है, केवल वोट से मतलब है। 3. सरकार को कोई फर्क नहीं पड़ता।”
पहलवानों का प्रतिनिधित्व कर रहे सिब्बल
राज्य सभा के एमपी होने के साथ कपिल सिब्बल एक वरिष्ठ वकील भी है जो सुप्रीम कोर्ट में पहलवानों का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। यूपीए-1 और 2 सरकार के दौरान केंद्र मंत्री रह चुके सिब्बल ने पिछले साल ही कांग्रेस का साथ छोड़ दिया था। उन्हें राज्य सभा में समाजवादी पार्टी के समर्थन से निर्दलीय सदस्य के तौर पर चुना गया है।
सरकार को पहलवानों ने दिया 5 दिन का समय
दरअसल, इंटरनेशनल स्तर पर पदक जीत चुके पहलवान हरिद्वार में अपने मेडल बहाने जा रहे थे, लेकिन किसानों के नेता राकेश टिकैत ने उन्हें ऐसा करने से रोका। हालांकि, इसके बाद पहलवानों ने सरकार को पांच दिनों का समय दिया है। बता दें कि पहलवानों के विरोध के बाद पिछले महीने ही पुलिस ने बृजभूषण के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। पहले एफआईआर के तहत बृजभूषण के खिलाफ नाबालिक द्वारा यौन शोषण और दूसरे में व्यस्क पहलवानों पर अपमानजनक विषयों के तहत मामला दर्ज किया था। दिल्ली पुलिस ने 28 मई को साक्षी मलिक और विनेश फोगाट को हिरासत में लिया था, उनके खिलाफ नियमों के उल्लघंन का आरोप लगा था।