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वाराणसी के काल भैरव मंदिर में अब नहीं कटेगा केक, इंफ्लूएंसर Mamta Rai की वीडियो वायरल होने के बाद लिया गया फैसला

बीते दिन यानी सोमवार को बॉलीवुड अभिनेत्री और सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर ममता राय ने वाराणसी के काल भेरव मंदिर के गर्भगृह में केक काटा था। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी। वीडियो वायरल होने के बाद इसको लेकर इंटरनेंट पर बहस छिड़ गई। लोग मंदिर प्रबंधनन पर अलग-अलग टिप्पणी करने लग गए। साथ ही इसको लेकर काशी विद्वत परिषद और अन्य संतो ने भी अपनी नाराजगी जताई हैं।

वाराणसी के काल भैरव मंदिर में इंफ्लूएंसर ममता राय ने काटा केक

सोशल मीडिया पर ममता राय के 10 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हैं। मदिंर में केक काटने के बाद सोशल मीडिया पर विवाद खड़ा हो गया। वायरल वीडियों में देखा जा सकता है शुरुआत में ममता राय अनुष्ठान करती है। जिसके बाद वो काल भेरव मदिंर के गर्भगृह में केक काटकर पहला टुकड़ा भगवान को चढ़ाया। वीडियो इटरनेंट पर चर्चा का विषय बन गया।

मंदिर के महंत ने कहा ये

मंदिर के महंत नवीन गिरि के मुताबिक पहले भी मंदिर में केक चढ़ता आया है। सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर ने उनसे भगवान को केक चढ़ाने की बात कही थी। वीडियो में ऐसा पेश किया जा रहा है कि उसने मंदिर के अंदर अपना बर्थडे मनाया। इसकी जानकारी मंदिर प्रबंधन को नहीं थी।

मंदिर प्रबंधन द्वारा परिसर में केक काटने पर रोक

वीडियो के वायरल होने पर और कई संतों और लोगों द्वारा इसको लेकर आपत्ति जताने के बाद मंदिर प्रबंधन ने परिसर में अब केक काटने पर ही प्रतिबंध लगा दिया है। इसके साथ ही मंदिर व्यवस्थापक नवीन गिरी की माने तो अब भैरव अष्टमी जैसे आयोजनों पर भी केक काटने पर रोक लग गई है। साथ ही उन्होंने लोगों से भी इस फैसले का साथ देने की अपील की है। बता दें कि काल भैरव मंदिर में हर साल भैरव अष्टमी के दिन भक्तों की तरफ से केक काटकर उनका जन्मदिन मनाया जाता है।


Uma Kothari

उत्तराखंड की डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय उमा कोठारी खबर उत्तराखंड (khabaruttarakhand.com) में बतौर पत्रकार कार्यरत हैं। वे राजनीति, मनोरंजन, खेल और ट्रेंडिंग विषयों पर गहन और तथ्यपरक खबरें लिखती हैं। उत्तराखंड के स्थानीय और राष्ट्रीय मुद्दों पर इनकी पकड़ मजबूत है। डिजिटल मीडिया में इनका अनुभव पाठकों को सटीक, संतुलित और समय पर जानकारी देने में सहायक है। उत्तराखंड | खबर उत्तराखंड
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