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जयराम रमेश ने लगाया मोदी सरकार पर नेहरू विरासत को नष्ट करने का आरोप, पढ़ें क्यों?  

नेहरू मेमोरियल का नाम बदलकर पीएम म्यूजियम एंड सोसइटी कर दिया गया है। इस नाम को लेकर कांग्रेस नेता प्रमुख जयराम रमेश ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होनें मोदी सरकार पर नेहरू विरासत को नष्ट करने का भी आरोप लगाया है।

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि आज एक प्रतिष्ठित संस्थान को एक नया नाम मिला है। विश्व भर में प्रसिद्ध नेररू मेमोरियल म्यूजियम एंड लाइब्रेरी अब प्राइम मिनिस्टर्स मेमोरियल म्यूजियम एंड लाइब्रेरी के नाम से जाना जाएगा। उन्होनें मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जब बात हमारे पहले और सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले प्रधानमंत्री की होती है तो पीएम मोदी के पास भय और असुरक्षाओं का पिटारा होता है।

नेहरू के योगदान को हम नहीं भूलने देंगे- रमेश

वहीं जयराम रमेश ने मोदी सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनका एकमात्र एजेंडा नेहरू और उनकी विरासत को नकारना, बदनाम और नष्ट करना है। उन्होनें कहा कि देश की लोकतांत्रिक, धर्मनिरपेक्ष, वैज्ञानिक और उदारवादी नींव रखने में नेहरू के योगदान को हम नहीं भूलने देंगे। नेहरू ने देश की आजादी के लिए अहम योगदान दिया है।

क्या है नेहरू मेमोरियल का इतिहास

बता दें कि एडविन लुटियंस की इंपीरियल कैपिटल का हिस्सा रहा तीन मूर्कि भवन अंग्रेजी शासन में भारत के कमांडर इन चीफ का आधिकारिक आवास था। ब्रिटिश भारत के अंतिम कांडर इन चीफ के जाने के बाद 1948 में तीन मूर्ति भवन देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू का आधिकारिक आवास बन गया। वे यहां करीब 16 सालों तक रहें और यहीं उन्होनें अपनी आखिरी सांस भी ली थी। उनके निधन के बाद इस तीन मूर्ति भवन को उनकी याद में समर्पित कर दिया गया। इसके बाद से ही इसे पंडित नेहरू मेमोरियल के नाम से जाना जाने लगा। अब केंद्र सरकार ने इसका नाम नेहरू मेमोरियल से बदलकर पीएम म्यूजियम एंड सोसाइटी कर दिया है।

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