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अंडरवर्ल्ड के डॉन को दी मठ-मंदिरों की जिम्मेदारी!, जेल में बंद पीपी को दी दीक्षा, अब बना प्रकाशानंद गिरी

अल्मोड़ा जेल में बंद अंडरवर्ल्ड के डॉन प्रकाश पांडे उर्फ़ पीपी को श्री पांच दशनाम जूना अखाड़े ने दीक्षा देकर जूना अखाड़े का उत्तराधिकारी बनाया है. जिसक बाद पीपी का नाम बदलकर प्रकाशानंद गिरी कर दिया गया है.

जेल में बंद पीपी को दी दीक्षा

जानकारी के मुताबिक अल्मोड़ा जेल में ही पीपी को गुरु दक्षिणा देकर अखाड़े में शामिल किया गया है. प्रकाश को शिक्षा दिलाने के लिए श्री पंच दशनाम जूना अखाडा हरिद्वार से साधु-संत आए थे. प्रकाश को अलग-अलग स्थानों का महंत बनाया गया है. जिसमें मुख्य गंगोत्री भैरव मंदिर, गंगोलीहाट के लंबकेश्वर महादेव मंदिर, मुनस्यारी में कालिका माता मंदिर और काला मुनि मंदिर शामिल हैं.

बता दें अल्मोड़ा जेल में जाकर थानापति राजेंद्र गिरि, महंत सुरेंद्र पुरी और हिंदूवादी नेता कृष्ण कांडपाल के सानिध्य में प्रकाश पांडे को गुरु दीक्षा दी गई. जानकारी के अनुसार जूना अखाड़े का कहना है कि उनके नामकरण के बाद प्रकाश पांडे का कुंभ में मुंडन संस्कार किया जाएगा. जिसके बाद ही उनके आगे के दायित्वों पर विचार किया जाएगा.

कौन है अंडरवर्ल्ड का डॉन प्रकाश पांडे ? (Who is underworld don Prakash Pandey?)

बता दें प्रकाश पांडे उर्फ़ पीपी मूल रूप से नैनीताल के खनैइया गांव का रहना वाला है. प्रकाश पांडे की मां का उनके बचपन में ही देहांत हो गया था. प्रकाश पांडे के पिता फौजी थे. कहा जाता है कि प्रकाश पांडे ने बहुत कम उम्र में पीपी मुंबई चला गया था. नब्बे के दशक में प्रकाश की मुलाकात छोटे राजन से हुई. कम समय में पीपी छोटा राजन का राइट हैंड बन गया. कहा जाता है कि छोटा राजन और दाऊद के बीच दरार पड़ी तो पीपी को दाऊद के ठिकानों की जिम्मेदारी दी गई. यहां से पीपी का कद और बढ़ गया. बताया ये भी प्रकाश पांडे दाऊद को मारने के लिए पाकिस्तान तक पहुंच गया था.

हालांकि पीपी दाऊद को मार नहीं पाया था. कुछ समय बाद छोटा राजन से भी पीपी की अनबन हो गई थी और उसने छोटा राजन का साथ भी छोड़ दिया था. पीपी सुर्ख़ियों में तब आया जब उसने दिल्ली के क्राइम ब्रांच के एसीपी राजबीर सिंह की दिनदहाड़े हत्या कर दी. जिसके बाद पीपी देश छोड़कर वियतनाम भाग गया और वहीं अपना कारोबार करने लगा. बताया जाता है कि प्रकाश वियतमान से ही मुंबई के अंडरवर्ल्ड को ऑपरेट करने लगा था. उसे वियतनाम से गिरफ्तार किया गया था. लंबे समय से पीपी उत्तराखंड की अलग-अलग जेलों में बंद हैं. प्रकाश पांडे वर्तमान में अल्मोड़ा में हत्या के आरोप में सजा काट रहा है.

Sakshi Chhamalwan

Sakshi Chhamalwan उत्तराखंड में डिजिटल मीडिया से जुड़ीं युवा पत्रकार हैं। साक्षी टीवी मीडिया का भी अनुभव रखती हैं। मौजूदा वक्त में साक्षी खबरउत्तराखंड.कॉम के साथ जुड़ी हैं। साक्षी उत्तराखंड की राजनीतिक हलचल के साथ साथ, देश, दुनिया, और धर्म जैसी बीट पर काम करती हैं।
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