नौसेना में शामिल हुआ विमानवाहक पोत विक्रांत, पीएम मोदी ने किया अनावरण

vikrant indian navy प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को पहला स्वदेशी विमानवाहक युद्धपोत आईएनएस विक्रांत (INS Vikrant) नौसेना (Indian Navy) को सौंप दिया है। INS विक्रांत की खास बात यह है कि यह एक स्वदेशी युद्धपोत है, इसे 2009 में बनाना शुरू किया गया था। अब 13 बाद ये नौसेना मिला है।

इसके साथ ही पीएम मोदी ने नौसेना के नए Ensign (निशान) का भी अनावरण किया। नौसेना का नया Ensign औपनिवेशिक अतीत से दूर और भारतीय मैरिटाइम हैरिटेज से लैस है। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि INS विक्रांत के हर भाग की अपनी एक खूबी है, एक ताकत है, अपनी एक विकासयात्रा भी है. ये स्वदेशी सामर्थ्य, स्वदेशी संसाधन और स्वदेशी कौशल का प्रतीक है। इसके एयरबेस में जो स्टील लगी है, वो स्टील भी स्वदेशी है।

विक्रांत भारत में बनाया गया अब तक का सबसे बड़ा युद्धपोत है और इस के निर्माण पर 20 हजार करोड़ रुपए से अधिक की लागत आई है। यह भारतीय नौसेना के लिए देश में डिजाइन और निर्मित पहला विमानवाहक पोत भी है। इससे नौसेना के पास दो विमानवाहक पोत हो गए हैं और उसकी मारक क्षमता कई गुना बढ़ गई है। इस विमानवाहक पोत के निर्माण के साथ ही भारत दुनिया के उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है जो विमानवाहक पोत बनाने में सक्षम है।

विक्रांत का अर्थ है विजयी और वीर तथा प्रतिष्ठित। विक्रांत भारत में बनाया गया अब तक का सबसे बड़ा युद्धपोत है और इस के निर्माण पर 20 हजार करोड़ रुपए से अधिक की लागत आई है। यह भारतीय नौसेना के लिए देश में डिजाइन और निर्मित पहला विमानवाहक पोत भी है। इससे नौसेना के पास दो विमानवाहक पोत हो गए हैं और उसकी मारक क्षमता कई गुना बढ़ गई है। इस विमानवाहक पोत के निर्माण के साथ ही भारत दुनिया के उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है जो विमानवाहक पोत बनाने में सक्षम हैं। इस पोत में इस्तेमाल 76 प्रतिशत साजो सामान घरेलू कम्पनियों द्वारा बनाया गया है। हिंद महासागर में भारत और अधिक मजबूती के साथ अपनी मौजूदगी दर्ज कराएगा। इस मौके पर रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, मुख्यमंत्री पी विजयन, पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्वानंद सोनोवाल, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, तीनों सेनाओं के शीर्ष अधिकारी और अनेक गणमान्य अतिथि भी मौजूद थे।

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