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SAFF Championship: भारतीय फुटबॉल टीम फाइनल में, लेबनान को पेनल्टी शूटआउट में दी मात

सैफ चैंपियनशिप के सेमीफइनल मुकाबले में भारत और लेबनान की आपस में भिड़ंत थी। जिसमें भारत की फुटबाल टीम ने पेनल्टी शूटआउट में लेबनान को हरा दिया। लेबनान को हराकर भारतीय टीम ने फाइनल में प्रवेश कर लिया है। फाइनल में टीम की भिड़ंत कुवैत से होगी।

पेनल्टी शूटआउट में दी मात

पेनल्टी शूटआउट में भारतीय टीम ने लेबनान को  4-2 से मात दे दी। दरअसल 90 मिनट के मुकाबले में दोनों ही टीम गोल नहीं कर पाई। जिसके बाद मैच एक्स्ट्रा टाइम में चला गया। एक्स्ट्रा टाइम में कोई भी टीम गोल नहीं कर पाई।

जिसकी वजह से स्कोर बराबरी में रहा। फैसले के लिए मैच पेनल्टी शूटआउट में गया। जहा टीम इंडिया ने बेहतरीन प्रदर्शन कर सेमीफइनल मुकाबला जीत लिया।

एक भी मुकाबला नहीं हारा भारत

भारतीय टीम ने अब तक इस चैंपियनशिप में एक भी मुकाबला नहीं हारा है। पाकिस्तान और नेपाल को उसने आसानी से हारा दिया था।

तो वहीं कुवैत के साथ टीम का मैच  1-1 की बराबरी में ख़त्म हुआ। अब सेमीफइनल में लेबनान को भी हरा दिया। ओडिशा में हुए इंटरकाॅन्टिनेंटल कप में भी भारतीय टीम ने फाइनल मुकाबले में लेबनान को 2-0 से हरा कर टूर्नामेंट जीत लिया था। 

नौवीं बार चैंपियन बनेंगी भारत ?

इस टूर्नामेंट में अब तक भारतीय टीम 13 बार फाइनल में प्रवेश कर चुका है। जिसमें से टीम ने आठ बार ख़िताब अपने नाम किया है। सुनील छेत्री की कप्तानी में भारतीय टीम चैंपियन बनने में सफल रही है। इस बार भी टीम की सुनील की कप्तानी में नौवीं बार चैंपियन बनने की तरफ नज़र रहेगी।

कप्तान ने मैच को लेकर कहा ये

पोस्ट मैच प्रेजेंटेशन में सुनील छेत्री ने कहा की ‘सेमीफइनल मुकाबला काफी मुश्किल था। लेबनान के साथ मैच आसान नहीं था। हमारी टीम ने बेहतर प्रदर्शन किया। फाइनल के बारे में अभी हम नहीं सोच रहे है। मैच के बाद हम थोड़ा आराम करेंगे और फिट फाइनल की तैयारी में जुट  जाएंगे।’

कोच स्टिमैक को मिला था रेड कार्ड

भारतीय टीम के मुख्य कोच इगोर स्टिमैक एक बार फिर टीम का मार्गदर्शन नहीं कर पाए। कुवैत के खिलाफ मैच में कोच को दो बार रेड कार्ड मिला था। स्टिमैक को पहला रेड कार्ड पाकिस्तान के खिलाफ मिला था।

जिसकी वजह से नेपाल के खिलाफ भारतीय टीम के कोच बाहर थे। जिसके बाद उन्हें कुवैत के खिलाफ भी रेड कार्ड मिला। जिसकी वजह से उनपर दो मैचों का प्रतिबंध  है। साथ ही ४१ हज़ार रूपए का जुरमाना भी उनको भरना पड़ा।

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