देहरादून : पटाखे फोड़ने वालों के लिए जरुरी खबर, इतने बजे तक ही बिकेंगे, होगा मुकदमा दर्ज

देहरादून : दिवाली में आतिशबाजी करना और पटाखे बेचना मंहगा पड़ सकता है। जी हां बता दें कि दिवाली में दून पुलिस पटाखे बेचने वाले दुकानदारों पर शिकंजा कसने की तैयारी में है। आपको बता दें कि देहरादून में पटाखों की दुकानें एक से 5 नवंबर तक ही खुलेंगी। मिली जानकारी के अनुसार पटाखों की दुकानों के लिए 30 अक्तूबर तक लाइसेंस जारी किए जाएंगे। दुकानदारों की सहूलियत के लिए प्रशासन सिंगल विंडो सिस्टम के जरिए लाइसेंस जारी करेगा। जिलाधिकारी डॉ. आर राजेश कुमार ने बीते दिन बैठक में पुलिस अधिकारियों और व्यापारियों को जरुरी दिशा निर्देश दिए।।

डीएम और एसएसपी की बैठक

जिलाधिकारी डाॅ. आर राजेश कुमार और एसएसपी जन्मजेय खंडूरी की अध्यक्षता में जिलाधिकारी कैम्प शिविर कार्यालय में दीपावली के अवसर पर अतिशबाजी के लाईसेंस निर्गत करने के संबंध में व्यापारियों और सम्बन्धित विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक की गई। बैठक में दीपावली के अवसर पर लगने वाली पटाखों की दुकानों के आवंटन, दुकान लगाने की शर्तों और इस दौरान बरती जाने वाली सावधानियों पर विस्तृत चर्चा की गयी।

आतिशबाजी बिक्री के लिए सिंगल विडों सिस्टम की सुविधा

जिलाधिकारी डाॅ0 आर राजेश कुमार ने बताया कि आतिशबाजी बिक्री के लिए सिंगल विडों सिस्टम के तहत उपजिला मजिस्ट्रेट कार्यालयों से लाईसेंस निर्गत करने की प्रक्रिया शुरू की जायेगी। उन्होंने सभी व्यापारियों को अतिशबाजी की विक्री हेतु निर्धारित स्थल पर आंवटित क्षेत्र के लिए चार्ज भी देना होगा। इसके अतिरिक्त धनतेरस को रात्रि 12 बजे तक ही सर्राफा व अन्य मेटल फर्नीचर आदि दुकानें खुली रहेगी तथा जिस किसी सर्राफा व्यापारी को अपने धन को सुरक्षित स्थान तक पहुचानें की आवश्यकता है वे पुलिस प्रशासन को अवगत करायें ताकि सुरक्षा हेतु गार्ड उपलब्ध कराये जा सके। इस अवसर पर अगले वर्ष से आतिशवाजी हेतु प्रशासन एवं पुलिस द्वारा निर्धारित स्थान पर ही आतिशवाजी की दुकानें लगाये जाने का शपथ पत्र व्यापारियों की ओर से प्रशासन को उपलब्ध कराये जाने का आश्वासन दिया गया।

उप जिलाधिकारी को दिए ये निर्देश

जिलाधिकारी ने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में आतिशबाजी लाईसेंस दिए जाने के लिए सुरक्षित स्थान चिन्हित करने और अग्नि सुरक्षा इत्यादि के सभी मानक का पालन करवाने के उप जिलाधिकारी/परगनाधिकारी मजिस्ट्रेट को निर्देश दिये। उन्होंने निर्देश दिये कि अग्निशमन विभाग की अनापत्ति प्राप्ति होने के उपरान्त ही दुकानों का लाईसेंस निर्गत करें और ऐसे स्थान पर दुकान आवंटन का लाईसेंस दें जहां तक अग्निशमन वाहन आसानी से पंहुच सके. साथ ही दुकान और उसके आसपास ज्वलनशील पदार्थ ना हो। दुकान पक्के भवन की छत के नीचे हो, तंग स्थान ना हो, विद्युत तारों के बीच ना हों, पटाखों की बिक्री के अलावा अन्य सामग्री की बिक्री ना की जाय तथा दुकान पर अग्निशमन के समुचित प्रबन्ध हों।

उन्होंने कहा कि हर साल की तहर इस साल भी पल्टन बाजार-कोतवाली से घण्टाघर तक, धामावाला बाजार-कोतवाली से आढतबाजार चैक तक, मोतीबाजार में पल्टन बाजार से पुरानी सब्जीमण्डी, (हनुमान चौक तक), हनुमान चैक -झण्डा मौहल्ला, रामलीला बाजार-बैण्ड बाजार तक, आनन्द चैक से लक्ष्मण चैक तक, डिस्पेंसरी रोड का सम्पूर्ण क्षेत्र, घण्टाघर चकराता रोड पर हनुमान मन्दिर तक, सर्वे चैक से डीएवी पीजी कालेज देहरादून जाने वाली रोड़, करनपुर मुख्य बाजार (भीड़भाड़ वाला क्षेत्र), के अलावा ऐसे स्थान जो संकीर्ण क्षेत्र/गलियां जहां अग्निशमन वाहन का वाटर टैंक न पंहुच सकता हो आतिशबाजी लाईसेंस हेतु प्रतिबन्धित रहेंगे। इन क्षेत्रों में दुकान लगी हुई पाये जाने पर सम्बन्धित के विरूद्ध जुर्माने के साथ ही सामग्री जब्त करते हुए कानूनी कार्यवाही की जायेगी।

उन्होंने व्यापारियों संगठनों से अपील की है कि कोविड-19 संक्रमण के बचाव हेतु मास्क, फेशकवर, सोशल डिस्टेंसिंग के साथ ही ज्वलनशील पदार्थाें एवं धुम्रपान निषेध पर विशेष चैकसी बरतें। इसके अलावा आतिशबाजी की दुकान पर लाईसेंस की प्रति चस्पा करें। बैठक में जिन स्थानों पर सामूहिक रूप से पटाखा विक्रय किये जायेंगे उन मुख्य, अन्य स्थानों के आसपास पानी के टैंकर की व्यवस्था की जायेगी। उन्होंने कहा कि 25 अक्टूबर से 30 अक्टूबर तक पटाखों की दुकान हेतु अस्थायी लाईसेंस के आवेदन की तिथि होगी तथा 1 से 5 नवम्बर तक पटाखों की बिक्री की जायेगी।

इस अवसर पर एडीएम एफआर के.के. मिश्रा, एसपी सिटी सरिता डोभाल, अपूर्वा पाण्डे संयुक्त मजिस्ट्रेट ऋषिकेश एसडीएम सदर मनीष कुमार, विनोद कुमार एसडीएम विकासनगर, सोरभ असवाल एसडीएम कालसी, शेखर सुयाल सीओ सिटी स्वतंत्र कुमार सिंह एसपी ग्रामीण, राजेन्द्र खाती मुख्य अग्निशमन अधिकारी, व्यापारी मण्डल के प्रतिनिधि देवेन्द्र कुमार अग्रवाल, जुगल किशोर, तरविन्दर सिंह, दीपक अग्रवाल, आदित्य मित्तल और संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

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