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देशभर में किस पार्टी को चुनावी बॉन्ड से कितना पैसा मिला? यहां पढ़ें

गुरुवार को देश की सर्वोच्च अदालत ने चुनावी बॉन्ड पर बड़ा फैसला दिया। उच्चतम न्यायलय ने चुनावी बॉन्ड योजना के खिलाफ दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए इस पर रोक लगा दी। कोर्ट ने इसे असंवैधानिक करार दिया। न्यायालय ने इलेक्टोरल बॉन्ड योजना की आलोचना की और कहा कि राजनीतिक पार्टियों को हो रही फंडिंग की जानकारी मिलना बेहद जरुरी है। अदालत ने इस फैसले के बाद ये भी सामने आया कि योजना की शुरुआत के बाद किस पार्टी को कितना पैसा मिला है। आईये जानते हैं देशभर की पार्टियों को चुनावी बॉन्ड से कितना पैसा मिला है? इन दलों की सियासी ताकत कितनी है?

बीजेपी की क्या स्थिति है?

 2017-18 से 2022-23 के बीच वार्षिक ऑडिट रिपोर्ट से पता चलता है कि भाजपा को सबसे ज्यादा दान मिला है। यह राशि 6566-125 करोड़ है जो सभी पार्टियों को मिले कुल दान का 54.7786% हिस्सा है। भाजपा की सियासी ताकत देखें को 18 राज्यों में अकेले या सहयोगियों के साथ सत्ता में है। ये राज्य हैं अरणाचल प्रदेश, राजस्थान, असम, गोवा, गुजरात, हरियाणा, मध्य प्रदश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, मणिपुर, मेघालय, नागालैंड, पुडुचेरी, सिक्किम, त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और बिहार हैं।

कांग्रेस की क्या स्थिति है?

 बीते छह सालों में कांग्रेस को 1123.3155 करोड़ रुपये चुनावी बॉन्ड मिले हैं। इस तरह से दान में पार्टी की हिस्सेदारी 9.3714% है। कांग्रेस की राजनीति ताकत देखें तो यह पांच राज्यों में खुद या गठबंधन के तहत सरकार में शामिल है। ये राज्य हैं हिमाचल प्रदेश, झारखंड, तेलंगाना, कर्नाटक और तमिलनाडु।

तीसरे स्थान पर तृणमूल कांग्रेस है।

  • इस मामले पर तीसरे स्थान पर तृणमूल कांग्रेस है। पार्टी को बीते पांच सालों में 1092. 9876 करोड़ रुपये बॉन्ड के रुप में मिले हैं। सभी दलों में इसकी हिस्सेदारी 9.1184% है। टीएमसी केवल पश्चिम बंगाल में भी शासन कर रही है।
  • वहीं चुनावी बॉन्ड में हिस्सेदारी के हिसाब से चौथा स्थान भारत राष्ट्र समिति बीआरएस का है। बीआरएस को गत पांच सालों में 912.6899 करोड़ रुपये हासिल हुए हैं और सभी दलों का यह 7.6142 % हिस्सा है। इसने 2020-21 में चुनावी बॉन्ड के योगदान की जानकारी नहीं दी है। 
  • वहीं इस सूची में पांचवा स्थान बीजू जनता दल (बीजद) का है। पिछले पांच सालों में बीजद को 774.00 करोड़ रुपये चुनावी बॉन्ड से मिले हैं और कुल हिस्सेदारी 6.4572% है। नवीन पटनायक की बीजू जनता दल ओडिशा में सरकार चला रही है।
  • छठे पायदान में डीएमके को 616.50 करोड़ चुनावी बॉन्ड से मिले हैं। डीएमके तमिलनाडु में सत्ता में है।
  • वायएसआर कांग्रेस को पिछले पांच सालों में 382.44 करोड़ रुपये चुनावी बॉन्ड मिले हैं।
  • चंद्रबाबू नायडु की पार्टी तेलगु देशम पार्टी ने चुनावी बॉन्ड से 146.60 करोड़ का योगदान हासिल किया है। टीडीपी अभी किसी भी राज्य में सत्ता पर नहीं है।
  • वहीं महाराष्ट्र की सत्ताधारी पार्टी शिवसेना को 101.38 करोड़ रुपये तो एनसीपी को 63.75 करोड़ रुपये चुनावी बॉन्ड से मिले हैं।

आम आदमी पार्टी को मिले इतने बॉन्ड

  • आम आदमी पार्टी को 94.28521 करोड़ चुनावी बॉन्ड से मिले हैं। सभी दलों में इसका 0.7866% है।
  • इसके अलावा कर्नाटक की पार्टी जनता दल सेक्युलर को 48.7836 करोड़ रुपये, बिहार की सत्ताधारी पार्टी जदयू को 24.40 करोड़ रुपये 0.2036% और समाजवादी पार्टी को 14.05 करोड़ रुपये चुनावी बॉन्ड से मिले हैं।
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