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Paralympics 2024 में गोल्ड जीतकर Harvinder Singh ने रचा इतिहास, ऐसा कारनामा करने वाले पहले भारतीय एथलीट

पेरिल पैरालंपिक्स (Paralympics 2024) में मेंस रिकर्व आर्चरी में हरविंदर सिंह (Harvinder Singh) ने इतिहास रच दिया। हरविंदर ने फाइनल में पोलैंड के लुकास सिजेक को हरा कर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। 6-0 से हराकर हरविंदर ने भारत की झोली में चौथा गोल्ड मेडल रख दिया है। कुल मेडल की संख्या अब 22 हो गई है। एथलीट ने ये मुकाबला 28-24, 28-27, 29-25 से सीधे सेटों में जीतकर अपना नाम इतिहास में दर्ज कर लिया है।

हरविंदर सिंह ने गोल्ड मेडल जीतकर रचा इतिहास (Harvinder Singh Wins Gold)

बता दें कि किसी आर्चरी प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतने वाले हरविंदर सिंह पहले भारतीय एथलीट बन गए है। टोक्यो पैरालंपिक्स में भी एथलीट ने ब्रॉन्ज मेडल जीतकर इतिहास रच दिया था। बता दें कि भारत के नाम तीरंदाजी में टोक्यो से पहले कोई मेडल नहीं था। भारत का ये आर्चरी में दूसरा मेडल है। इससे पहले मिक्स्ड टीम कंपाउंड आर्चरी में शीतल देवी और राकेश कुमार ने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया।

हरविंदर की एक और मेडल की उम्मीद कायम

बता दें कि हरविंदर का पैरालंपिक्स का सफर अभी खत्म नहीं हुआ है। वो रिकर्व आर्चरी की मिक्स्ड टीम स्पर्धा में भी भाग ले रहे है। वो पूजा जातयान के साथ दावेदारी पेश करेंगे। पांच सितंबर को वो ऑस्ट्रेलियाई टीम से भिड़ेगे।

मेडल टेबल में भारत की पोजीशन

अब तक भारत ने पेरिस पैरालंपिक्स में हरविंदर सिंह के गोल्ड मेडल को मिलाकर टोटल 22 पदक अपने नाम किए है। जिसमें चार स्वर्ण, आठ रजत औ 10 ब्रॉन्ज मेडल शामिल है। मेडल टैली में भारत ने ऊंची छलांग लगाई है। भारत अब 15वें स्थान पर आ गया है।

Uma Kothari

उत्तराखंड की डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय उमा कोठारी खबर उत्तराखंड (khabaruttarakhand.com) में बतौर पत्रकार कार्यरत हैं। वे राजनीति, मनोरंजन, खेल और ट्रेंडिंग विषयों पर गहन और तथ्यपरक खबरें लिखती हैं। उत्तराखंड के स्थानीय और राष्ट्रीय मुद्दों पर इनकी पकड़ मजबूत है। डिजिटल मीडिया में इनका अनुभव पाठकों को सटीक, संतुलित और समय पर जानकारी देने में सहायक है। उत्तराखंड | खबर उत्तराखंड
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