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हरीश रावत की चेतावनी, कहा-माफी नहीं मांगी तो मुझे मजबूरन पुलिस में FIR दर्ज करवानी पड़ेगी, आखिर किसका है ये पेज


देहरादून : कांग्रेस को चुनाव में हार का सामना करना पड़ा। हरीश रावत लालकुआं से बंपर वोटों से चुनाव हारे। हार के बाद कांग्रेस में रार देखने को मिल रही है। नेता एक दूसरे को हार का जिम्मेदार ठहराते हुए हमला कर रहे हैं. देवेंद्र यादव ने नेताओं को चेतावनी भी दी हैय़ पूर्व सीएम हरीश रावत ने अब सोशल मीडिया में तैर रही उससे जुड़ी एक पोस्ट पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि संबंधित एडमिन ने माफी नहीं मांगी तो वह मजबूरन पुलिस में एफआरआई दर्ज कराएंगे।
हरीश रावत ने फेसबुक पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि आखिर धामी की धूम, किस पार्टी का फेसबुक पेज है? राज्य के मुख्यमंत्री जी के नाम पर पेज है। भाजपा का सोशल मीडिया विंग उसका संचालन करता है उसमें एक जाली खबर, पता नहीं वह अखबार कहीं से प्रकाशित है भी या नहीं है! उसमें मेरा बयान का उल्लेख करके हैडिंग यह लगाया जाता है कि मुस्लिम यूनिवर्सिटी बनाई जाएगी और उसमें मुझे मुस्लिमबाना पहनाकर प्रचारित किया जाता है, यह उतना ही गहरा षड्यंत्र है जिस तरीके का गहरा षड्यंत्र 2017 में शुक्रवार की नमाज अदा करने के लिए शुक्रवार की छुट्टी करने का आदेश प्रचारित-प्रसारित किया गया। यह षड्यंत्र है और इस षड्यंत्र के जांच के लिए मैं उत्तराखंड से प्रार्थना करना चाहूंगा और यदि मैंने ऐसा बयान दिया है व मैं उस बयान से इंकार कर रहा हूं, तो फिर मुझे सार्वजनिक रूप से प्रताड़ना मिलनी चाहिए और यदि मेरा बयान नहीं है।
हरीश रावत ने लिखा कि भाजपा द्वारा मेरे ऊपर यह बयान थोपा जा रहा है, प्रचारित-प्रसारित करने के लिए लोगों के मन को विषाक्त करने के लिए चुनाव के अंदर हार को जीत में प्रणित करने के लिए उत्तराखंड को हिंदू-मुसलमान के नाम पर बांटने के लिए किया जा रहा है तो फिर उनको उत्तराखंड को ऐसी ताकतों को दंडित करना चाहिए। क्या हरीश रावत इतना मूर्ख है! जिस व्यक्ति के नाम पर कहा जा रहा है कि उसने मुस्लिम यूनिवर्सिटी की मांग की है, उस व्यक्ति को अखबारों में सारी आलोचनाएं छपने के बाद मैं अपनी बेटी के चुनाव क्षेत्र हरिद्वार ग्रामीण जहां पहले से ही भावनाओं को उद्वेलित करने वाले लोग मौजूद हैं, वहां उनको पर्यवेक्षक बनाकर के भेजूंगा? और जरा उस व्यक्ति से मेरे संबंध को भी तो ढूंढिए! क्या उस व्यक्ति को सचिव मैंने बनाया!
हरीश रावत ने लिखा कि क्या मैंने उसको महामंत्री बनाया! क्या मैंने उसको पार्टी का उपाध्यक्ष बनाया! क्या मैंने उसको चुनाव के अंदर उम्मीदवारी में समर्थन किया! यह गहरा षड्यंत्र है, हरीश रावत को राजनीति से हटाने का, हरीश रावत की राजनीति को समाप्त करने का, मैं ऐसे षड्यंत्र के खिलाफ लडूंगा, यदि शाम तक इस पेज के एडमिन ने माफी नहीं मांगी, तो मुझे मजबूरन जो है पुलिस में FIR दर्ज करवानी पड़ेगी।