
Harish Rana Death: 13 साल से कोमा में रह रहे हरीश राणा का आज यानी मंगलवार, 24 मार्च को दिल्ली AIIMS में निधन हो गया है। बता दें कि हाल ही में सुप्रीम कोर्ट द्वारा हरीश को इच्छामृत्यु की इजाजत मिली थी। जिसके बाद से वो (14 मार्च से) इच्छामृत्यु की प्रक्रिया के लिए अस्पताल में भर्ती थे। बता दें कि पहली बार देश में किसी को कोर्ट द्वारा ‘पैसिव इच्छामृत्यु’ (passive euthanasia) की अनुमति दी गई थी। सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद उनका इच्छामृत्यु का प्रोसेस शुरु हुआ था। 16 मार्च से उनकी ये प्रक्रिया शुरू हुई थी। 11वें दिन उन्होंने अंतिम सांस ली।

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13 साल से कोमा में रह रहे हरीश राणा का निधन
फाइनली गाजियाबाद के हरीश राणा ने इच्छा मृत्यु की प्रक्रिया के शुरू होने के 11वें दिन अंतिम सांस ले ली है। दिल्ली AIIMS में उनका निधन हो गया है। हाल ही में 32 साल के हुए हरीश राणा को सुप्रीम कोर्ट की तरफ से इच्छामृत्यु की इजाजत मिली थी। जिसके बाद उनके परिवार ने उन्हें अंतिम विदाई देकर ऐम्स में भर्ती करवाया था। डॉक्टर्स की परामर्श में उन्हें इच्छामृत्यु के इस प्रक्रिया को शुरू की गई।
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खाना-पानी कर दिया था बंद
बताते चलें कि AIIMS में हरीश राणा को भर्ती करने के बाद से ही उनकी इच्छामृत्यु की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। जिसमें उनका न्यूट्रिशन सपोर्ट सिस्टम हटा दिया गया था। साथ ही उन्हें किसी भी वेंटिलेटर सपोर्ट सिस्टम में भी नहीं रखा गया था। इस दौरान उन्हें बस कुछ दवाइयां दी जा रही थी। उनका खाना, पानी भी बंद कर दिया था। इस प्रक्रिया के पहले चरण में उनका ट्यूब के जरिए दिए जाने वाले खाने को बंद किया था। जिसके बाद दूसरे चरण में उनको पानी देना बंद किया गया।
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Harish Rana Euthanasia: सुप्रीम कोर्ट ने इच्छामृत्यु की दी इजाजत
दरअसल भारत में हरीश राणा निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति पाने वाले पहले व्यक्ति हैं। सुप्रीम कोर्ट ने 11 मार्च को ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए एम्स को ये भी निर्देश दिए थे कि जीवन रक्षक प्रणाली को एक सुनियोजित तरीके से हटाया जाए। जिससे व्यक्ति की गरिमा भी ध्यान में रखी जाए।
13 साल से थे कोमा में
बताते चलें कि हरीश राणा बीते 13 साल से बिस्तर पर पड़े है। वो कोमा में थे और जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे थे।