हरिद्वार : कई गम दे गया 2020, खाकी का दिखा नया चेहरा, लॉकडाउन की मार से छीना रोजगार

हरिद्वार : कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण 2020 में त्राहिमाम की स्थिति में पहुंचा विश्व फीके जश्न के बीच नए साल का इंतजार कर रहा है। दुनिया को महामारी के गर्त में छोड़कर जा रहे वर्ष 2020 के अंत वैश्विक महामारी ज्यूँ की त्यूँ बनी हुई है। कोरोना वायरस संक्रमण की शुरुआत यूं तो 2019 के अंतिम दिनों में चीन के वुहान शहर से शुरू हुई थी, लेकिन 2020 में इसने दुनिया में हाहाकार मचा दिया। दुनियाभर में देशों को इस घातक वायरस का प्रसार रोकने के लिए अपने-अपने यहां लॉकडाउन लागू करना पड़ा। इससे महामारी तो बहुत ज्यादा काबू में नहीं आई, लेकिन आर्थिक गतिविधियों के ठप होने के कारण दुनियाभर में लाखों लोग बेरोजगार हो गए। कइयों ने तंग परेशान होकर आत्महत्या कर ली। कइय़ों ने स्वरोजगार खोला।

सॉकडाउन का खासा असर हमारे देश में भी देखने को मिला। कई लोगों के रोजगार ठप हो गए। कई परिवार क़र्ज़ की मार से मरे जा रहें हैं। धर्मनगरी हरिद्वार में भी लोगो की रूह काँप जाती है जब उनको लॉक डाउन की याद आती है। काफी कठ्ठा मीठा रहा सन 2020। कई बड़े चोरी से लेकर लूट औऱ हत्या के मामले सामने आए। कइय़ों के खुलासे हुए। देश ने पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी समेत कई मंत्री विधायक खोए तो वहीं अभिनेता-सिंगर भी खोया।

लॉकडाउन के दौरान खाकी का नया चेहरा आया सामने

वहीं धर्मनगरी के कॉरोनाकाल में सिडकुल कर्मचारियों सहित दुकानदारों को भारी नुकसान झेलना पड़ा। इसके साथ ही पुलिस की छवि जहाँ सुधरी और कई संक्रमण के शिकार भी हुए हरिद्वार के एसएसपी भी कोरोना से नहीं बच पाए। वहीं लॉकडाउन के दौरान पुलिस ने अहम जिम्मेदारी निभाई। बस स्टॉप हो या रेलवे स्टेशन..हर जगह तैनात रह कर प्रवासियों को सकुशल उनके गर पहुंचाया। गरीबों को खाना बांटा। जरुरतमंदों को जरुरत का सामान बांटा। पुलिस का नया रुप, खाकी का एक नया चेहरा लॉकडाउन के दौरान देखने को मिला। ये 2020 बहुत गम दे गया। दुआ करते हैं तो 2021 के लिए कि 2021 कुशल मंगल बीते।

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