
Hantavirus Outbreak: अभी तक दुनिया कोविड-19 महामारी को पूरी तरह से भूल भी नहीं पाई है कि एक और तबाही दहलीज पर खड़ी है। हंतावायरस सुर्खियों में बना हुआ है। जिसने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। हाल ही में क्रूज शिप में हंतावायरस संक्रमण के केसिस मिलने से कई देशों को अलर्ट पर ला दिया है।
बता दें कि दक्षिण अटलांटिक में यात्रा कर रहे क्रूज शिप में 28 देशों के करीब 150 लोगों में से दो भारतीय भी मौजूद थे। जिसमें से पांच में हंतावायरस संक्रमण की पुष्टि हुई। तो वहीं तीन लोगों की मौत भी हो गई। तो वहीं इसको लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी चेतावनी दी है। WHO ने कहा कि आने वाले हफ्तों में इसके केसिस और भी ज्यादा बढ़ सकते है।
कोविड की तरह धीरे-धीरे पैर पसार रहा हंतावायरस Hantavirus Outbreak
दरअसल इस वायरस का इन्क्यूबेशन पीरियड यानी शरीर में छिपे रहने का समय 6 से 8 हफ्तों तक होता है। यहीं इस वायरस को सबसे ज्यादा खतरनाक बनाती है। हालांकि WHO ने कहा है फिलहाल इसकी तुलना कोविड महामारी से नहीं हो सकती। लेकिन इससे भी ये इनकार नहीं किया जा सकता की कोविड की तरह ये भी धीरे-धीरे कई देशों में पैर पसार रहा है।
Hantavirus वाले जहाज पर दो भारतीय भी सवार, तीन डेड बॉडी, 28 देशों के 150 लोग फंसे
संक्रमण लग-अलग देशों तक पहुंच रहा
अंतरराष्ट्रीय यात्रा के जरिए संक्रमण लग-अलग देशों तक पहुंच चुका है। डर ये भी है कि जो क्रूज से निकले लोगों को पॉजिटिव ना होने पर छोड़ दिया गया था। लेकिन बाद में अगर उनमें भी इसके लक्षण दिखाई दिए तो परिस्थिति खराब हो सकती है।
क्रूज शिप में मिले हंतावायरस के केसिस, 28 देशों के 150 लोग सवार
दरअसल अर्जेंटीना से अंटार्कटिका और फिर अटलांटिक महासागर के रास्ते लंबी यात्रा तय करने वाले एक क्रूज जहाज में हंता वायरस संक्रमण का मामला सामने आया। कई हफ्तों तक ये शिप समुद्र में सफर करता रहा। इस शिप में क्रू सदस्यों में दो भारतीय भी थे।

जांच में पता चला कि वे एंडीज स्ट्रेन के हंतावायरस से संक्रमित हैं। जिसके बाद अलग-अलग देशों में कई यात्रियों को एयरलिफ्ट किया गया। अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग की जा रही है। धीरे-धीरे ये स्ट्रेन बढ़ रही है। और जानने के लिए यहां क्लिक करें।
अब तक कितने देश प्रभावित?
इस संक्रमण का असर अब तक सात देशों में देखा जा चुका है। जो पहले केवल दो देशों तक ही था। अब तक ये वायरस कई देशों में पहुंच चुका है जिनमें:-
- नीदरलैंड्स में दो लोगों की मौत, एक डॉक्टर संक्रमित
- यूनाइटेड किंगडम में दो संक्रमण, एक अन्य मामला संदिग्ध
- जर्मनी की महिला यात्री की मौत।
- स्विट्जरलैंड में एक यात्री संक्रमित
- फ्रांस में संक्रमित से एक महिला की हालत गंभीर
- अमेरिका में एक यात्री पॉजिटिव, कई लोग निगरानी में
- स्पेन में भी एक संक्रमित
क्या कोविड जितना खतरनाक है हंतावायरस?
हंतावायरस और कोविड-19 में सबसे बड़ा अंतर ये है कि जहां कोविड इंसानों से इंसानों में तेजी से फैलता था। तो वहीं हंतावायरस अमुमन संक्रमित चूहों या उनके मल-मूत्र के संपर्क से फैलता है। हालांकि इसका एंडीज स्ट्रेन(Hantavirus New Stain) ऐसा दुर्लभ प्रकार का स्ट्रेन है। जो इंसान से इंसान में संक्रमण फैला रहा है।
WHO ने बताया क्यों खतरनाक है नई स्ट्रेन?
WHO कह रहा है कि घबराने की जरूरत नहीं है। लेकिन सतर्कता बरतनी जरूरी है। सबसे ज्यादा चिंता की बात वायरस का लंबा इन्क्यूबेशन पीरियड है। इससे जो संक्रमित भी होगा उसमें शुरुआती दिनों को कोई लक्षण नजर नहीं आएंगे। इसके बाद में लक्षण दिखते है। 2 महीने के बाद भी हंतावायरस की चपेट में लोग आ सकते है।
दुनिया में बढ़ रही चिंता
हंतावायरस को लेकर चिंता इसलिए भी बढ़ रही है कि कोविड की शुरुआत में भी ऐसे ही कम संक्रमण के मामलें सामने आए थे। हालांकि धीरे-धीरें अंतरराष्ट्रीय यात्राओं और लोगों के इधर-उधर जाने से कोविड पूरी दुनिया में फैल गया था। क्रूज में हंतावयरस के केसिस मिले थे। इसमें सवार बाकी यात्री अलग-अलग देशों में लौट चुके हैं। ऐसे में वायरस फैलने का खतरा बन गया है। विशेषज्ञों की माने तो संक्रमण अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य संकट का रूप ले सकता है।