ज्ञानवापी केस में मुस्लिम पक्ष को झटका, याचिका खारिज, चलता रहेगा मुकदमा

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ज्ञानवापी मस्जिद मामले को लेकर आज वाराणसी जिला न्यायालय का बड़ा फैसला आया है। न्यायालय ने मुस्लिम पक्ष की याचिका को खारिज करते हुए कहा कि, ज्ञानवापी का मामला सुनने लायक है। इसलिए इस मामले में सुनवाई जारी रहेगी। जिला कोर्ट का ये फैसला हिंदू पक्ष के हक में आया है। ज्ञानवापी परिसर को लेकर दायर मुकदमा नंबर 693/2021 (18/2022) राखी सिंह बनाम उत्तर प्रदेश राज्य मामले में वाराणसी के जिला जज अजय कृष्ण विश्वेश ने अपना   ऐतिहासिक निर्णय  देते हुए कहा कि, उपरोक्त मुकदमा न्यायालय में सुनवाई के योग्य है। जिसके बाद प्रतिवादी संख्या 4 अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमिटी के द्वारा दिए गए 7/11  के प्रार्थना पत्र को उन्होंने खारिज कर दिया।

वहीं जिला न्यायालय में याचिका ख़ारिज होने के बाद अब मुस्लिम पक्ष हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करेगा। मुस्लिम पक्ष के वकीलों में से एक मेराजुद्दीन सिद्दकी ने कहा कि, “मुस्लिम पक्ष याचिका खारिज होने पर हाई कोर्ट जाएगा।”

सर्वे में मिला था शिवलिंग जैसा स्ट्रक्चर

वीडियोग्राफी सर्वे के दौरान टीम को वजूखाने से एक स्ट्रक्चर मिला था जो दिखने में शिवलिंग जैसा था। हिंदू पक्ष ने दावा किया था कि ये ज्ञानवापी का शिवलिंग है जो मंदिर में मौजूद था जिसे मस्जिद में छिपा दिया गया। कहानी में तब पेंच फंस गया जब मुस्लिम पक्ष ने शिवलिंग के स्ट्रक्चर को फव्वारा बताया लेकिन अब उसी पर हिंदू पक्ष का दावा है कि वो शिवलिंग है लेकिन उसे फव्वारा बनाया गया है एक बड़ी साजिश के तहत और उसके सबूत भी मौजूद है।

गौरतलब है कि ज्ञानवापी परिसर स्थित मां श्रृंगार गौरी के नियमित दर्शन-पूजन की मांग को लेकर वाराणसी के जिला जज ए.के.विश्वेश की अदालत में चल रहा मुकदमा सुनवाई योग्य है या नहीं, इस पर हिन्दू और मुस्लिम पक्ष की बहस पूरी हो गयी है। अदालत ने इस मामले में आदेश को सुरक्षित रख लिया है। अदालत सोमवार 12 सितंबर को इस पर आदेश सुनाएगी। दिल्ली की राखी सिंह और वाराणसी की निवासी चार महिलाओं ने ज्ञानवापी मस्जिद की बाहरी दीवार पर स्थित हिंदू देवी देवताओं की प्रतिदिन पूजा अर्चना का आदेश देने के आग्रह वाली एक याचिका पिछले साल सिविल जज सीनियर डिविजन रवि कुमार दिवाकर की अदालत में दाखिल की थी।

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