ज्योतिषीय उपायों से दूर करें मोटापा, आजमाएं ये तरीके

obesity मोटापाज्योतिष में शरीर से जुड़ी प्रत्येक चीज के लिए किसी न किसी ग्रह को जिम्मेदार माना गया है। उदाहरण के लिए रक्त संबंधी बीमारियों के लिए मंगल, हाथ पैरों के लिए शनि, मानसिक समस्याओं के लिए चन्द्रमा को मुख्य कारक बताया गया है। इसी प्रकार मोटापे को बुध तथा बृहस्पति (अथवा गुरु) ग्रह से जोड़ा जाता है। तो क्या ज्योतिष के आधार पर बिना डाइटिंग के मोटापे से मुक्ति पा सकते हैं? चलिए समझते हैं।

ज्योतिष में दो तरह का मोटापा बताया गया है। इनमें से पहली तरह का मोटापा ज्यादा खाने की वजह से होता है। दूसरी तरह का मोटापा शरीर की प्रवृत्ति के कारण होता है, अर्थात् हम इतना खाते नहीं हैं जितना ज्यादा मोटे हो जाते हैं। ऐसे में यदि ज्योतिष के आधार पर हम मोटापे का उपाय ढूंढ़ें तो लाभ हो सकता है।

इन ग्रहों की वजह से होता है मोटापा

गुरु को शरीर में चर्बी का कारक बताया गया है। यदि गुरु प्रधान जन्मकुंडली है तो ऐसा व्यक्ति निश्चित रूप से सामान्य लोगों की तुलना में अधिक मोटा होगा। यदि किसी कारण से गुरु छठे भाव में है तो ऐसे व्यक्ति को मोटापा, दांतों की बीमारियां, आंतों का कैंसर, पीलिया, लीवर संबंधी बीमारियां, माइग्रेन, नींद न आने जैसी बीमारियां हो सकती हैं। गुरु के उपाय कर इन बीमारियों से मुक्ति पाई जा सकती है।

इसी प्रकार बुध को भी कुछ हद तक मोटापे से जोड़ा जाता है। बुध को संपत्ति का कारक बताया गया है। यदि यह ग्रह अशुभ भाव में आ जाए तो यह व्यक्ति को ज्यादा खाने के लिए प्रेरित करता है। ऐसी स्थिति में व्यक्ति अपने आपको कंट्रोल करना चाहता है, लेकिन कर नहीं पाता है। आखिर में वह बहुत ज्यादा खाने की वजह से मोटा हो जाता है।

यहां यह भी ध्यान देने की बात है कि कुछ लोग चाहे जितना खाएं, कभी मोटे नहीं होते। उसके पीछे भी यही कारण है कि व उनकी जन्मकुंडली में ये दोनों ग्रह संतुलित हैं। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार यदि बुध और गुरु को साध लिया जाए तो व्यक्ति निश्चित रूप से मोटापे से मुक्ति पा सकता है। जानिए मोटापे से मुक्ति पाने के ज्योतिषीय उपाय क्या हैं।

बुध-गुरु के उपायों से दूर होगा मोटापा

शास्त्रों में पीपल के वृक्ष को गुरु का कारक बताया गया है। गुरु को साधने के लिए ठीक सूर्योदय के समय पीपल के वृक्ष में जल सींचना चाहिए। इसके बाद वहां पर देसी घी का दीपक जलाएं और गायत्री मंत्र का जप करते हुए 108 बार पीपल के वृक्ष की परिक्रमा करें। इस उपाय से केवल मोटापा ही दूर नहीं होता है बल्कि दूसरे अशुभ ग्रहों का बुरा असर भी खत्म हो जाता है। इसके अतिरिक्त गुरुवार को व्रत करना भी एक उपयुक्त उपाय है।

इसी प्रकार बुध की अनुकूलता पाने के लिए भी उपाय बताए गए हैं। इसके लिए प्रतिदिन गणेशजी को दूर्वा (दूब) अर्पित करनी चाहिए। प्रत्येक बुधवार को गजानन गणपति की पूजा कर उन्हें मूंग के लड्डू का भोग चढ़ाएं। इस उपाय से बुध के साथ-साथ दूसरे सभी ग्रहों की पीड़ा भी शांत होती है।

नोट – ये आर्टिकल हमने सामान्य ज्योतिषीय जानकारियों के आधार पर लिखा है। इन उपायों पर अमल करने से पहले ज्योतिषिय सलाह लेना न भूलें।

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