बजट सत्र की शुरुआत में राज्यपाल का संबोधन, UCC से रोजगार तक गिनाईं सरकार की उपलब्धियां

उत्तराखंड विधानसभा के बजट सत्र की शुरुआत राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) के अभिभाषण के साथ हुई। सत्र के पहले दिन राज्यपाल ने सरकार की नीतियों, उपलब्धियों और भविष्य की प्राथमिकताओं को सदन के सामने रखा।
UCC से रोजगार तक गिनाईं सरकार की प्राथमिकताएं
राज्यपाल ने अपने अभिभाषण में राज्य सरकार के विकास कार्यों, योजनाओं और उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार संतुलित और समावेशी विकास की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर 1 नवंबर से 11 नवंबर 2025 तक राज्य स्थापना रजत जयंती उत्सव मनाया गया। इस दौरान कई कार्यक्रम आयोजित किए गए और रजत जयंती वर्ष के विशेष सत्र में राष्ट्रपति के आगमन का भी जिक्र किया गया। अभिभाषण में सरकार के बड़े फैसलों का जिक्र करते हुए राज्यपाल ने समान नागरिक संहिता (UCC) को राज्य के लिए ऐतिहासिक कदम बताया।
रोजगार और स्वरोजगार है सरकार की प्राथमिकता
राज्याल ने कहा कि सरकार “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वारा” अभियान के तहत शासन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और जनसहभागिता आधारित बनाने की दिशा में काम कर रही है। राज्यपाल ने रोजगार और स्वरोजगार को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए कहा कि युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। सरकारी नौकरियों की भर्ती प्रक्रिया को भी निष्पक्ष और पारदर्शी बनाया गया है ताकि युवाओं को समयबद्ध तरीके से अवसर मिल सकें। उन्होंने कहा कि राज्य में निवेश के अनुकूल माहौल बनाने के लिए प्रक्रियाओं को सरल किया गया है और कई सेवाओं का डिजिटलीकरण किया गया है।
आत्मनिर्भर बनाने के लक्ष्य के साथ काम कर रही सरकार: राज्यपाल
गवर्नर ने कहा डिपार्टमेंट फॉर प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्री एंड इंटरनल ट्रेड द्वारा जारी ईज ऑफ डूइंग बिजनेस आकलन में राज्य का प्रदर्शन प्रशासनिक सुधारों और पारदर्शिता के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। राज्यपाल ने अभिभाषण में यह भी कहा कि सरकार राज्य को विकसित और आत्मनिर्भर बनाने के लक्ष्य के साथ काम कर रही है और विभिन्न योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था, पर्यटन, कृषि और रोजगार के क्षेत्र में नई संभावनाएं तैयार की जा रही हैं।
अभिभाषण की मुख्य बातें
- उत्तराखंड राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने पर रजत जयंती वर्ष मनाया गया
- समान नागरिक संहिता लागू करने को ऐतिहासिक कदम बताया गया
- “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वारा” अभियान के जरिए जनभागीदारी बढ़ाने का प्रयास
- युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार योजनाओं पर विशेष जोर
- सरकारी भर्तियों में पारदर्शिता और समयबद्ध चयन प्रक्रिया लागू
- निवेश बढ़ाने और उद्योगों को प्रोत्साहन देने के लिए प्रक्रियाएं सरल
- प्रशासनिक सेवाओं के डिजिटलीकरण पर जोर
- राज्य को विकसित और आत्मनिर्भर बनाने के लक्ष्य पर काम