सरकार ने कहा : घबराएं नहीं, 82 प्रतिशत मरीज हो चुके ठीक, इतने हैं एक्टिव केस

नई दिल्ली: कोरोना के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं लेकिन इस बीच स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक राहत की खबर दी है।स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा कि घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि इस समय देश में 82 फीसदी लोग कोरोना से उबर चुके हैं और करीब 16.25 फीसदी मामले मामले यानी कि 28,13,658 मामले अभी भी सक्रिय मामलों की श्रेणी में है, जिसकी निगरानी की जा रही है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने जानकारी देते हुए बताया कि  महाराष्ट्र, यूपी, कर्नाटक, केरल, राजस्थान, छत्तीसगढ़, गुजरात और तमिलनाडु में फिलहाल  एक लाख से अधिक सक्रिय मामले बने हुए हैं लेकिन यहां भी धीरे-धीरे सुधार देखने को मिल रहा है।

देश में अब तक 14.19 करोड़ वैक्सीनेशन
स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि भारत में अब तक कोविड-19 टीके की 14.19 करोड खुराक दी गई है, 45 साल उम्र से अधिक उम्र के 9.79 करोड़ लोगों को पहली खुराक दी गई, 1.03 करोड़ लोगों को दूसरी खुराक दी गई। मंत्रालय ने कहा कि ऑक्सीजन का तार्किक इस्तेमाल, रेमडेसिविर, टोसिलिजुमैब जैसी अहम दवाओं का उचित प्रिस्क्रिप्शन महामारी से लड़ने में महत्वपूर्ण है।

डॉक्टर की सलाह पर ही अस्पताल में भर्ती हों
मंत्रालय की ओर से संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कोविड-19 मरीजों से कहा कि कई लोग भय के कारण अस्पताल के बिस्तरों पर कब्जा जमाए पाए गए हैं, कृपया कर डॉक्टर की सलाह पर ही भर्ती हों।  सरकार की ओर से उन्होंने कोविड-19 मरीजों द्वारा जीवन रक्षक गैस की कमी का सामना करने के बीच कहा कि भारत के पास पर्याप्त मेडिकल ऑक्सीजन उपलब्ध है, चुनौती उन्हें अस्पतालों तक पहुंचाने की है। सरकार की ओर से उन्होंने अपील कि कोविड-19 की मौजूदा स्थिति से लोग घबराएं नहीं, बेवजह की घबराहट से फायदे के बजाय नुकसान अधिक होता है।

न्यायोचित तरीके से ऑक्सीजन का इस्तेमाल
सरकार ने अस्पतालों प्रबंधनों से भी कहा कि न्यायोचित तरीके से ऑक्सीजन का इस्तेमाल करें और इसकी बर्बादी रोकें। उन्होंने कहा कि अनुसंधान से पता चला है कि अगर सामाजिक दूरी का अनुपालन नहीं किया गया तो एक व्यक्ति 30 दिनों में 406 लोगों को संक्रमित कर सकता है। महिलाएं माहवारी के दौरान भी कोविड-19 से प्रतिरक्षा हेतु टीका ले सकती हैं।

ऑक्सीजन टैंकरों का परिवहन बड़ी चुनौती
गृह मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव ने कहा कि भारत खरीद या किराए के आधार पर विदेशों से ऑक्सीजन टैंकर मंगवा रहा है। ऑक्सीजन टैंकरों का परिवहन एक बड़ी चुनौती है। रीयल-टाइम ट्रैकिंग का उपयोग करते हुए, हम ऑक्सीजन टैंकरों की आवाजाही की निगरानी कर रहे हैं।

हमारी ऑक्सीजन उत्पादन क्षमता बढ़ी
गृह मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव ने कहा कि मेडिकल ऑक्सीजन का उत्पादन ज्यादा बढ़ा है। हमारी ऑक्सीजन उत्पादन क्षमता 7,259 मीट्रीक टन है और 24 अप्रैल को 9,103 मीट्रीक टन ऑक्सीजन का उत्पादन हुआ है।

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