स्कूल बस के टूटे फर्श से गिरी मासूम की पहिये से कुचलकर दर्दनाक मौत, लहुलूहान बच्ची को ड्राइवर ने उठाया फिर…

परिवहन विभाग और स्कूल प्रबंधन की लापरवाही के चलते एक बार फिर एक मासूम की जान चली गई। शनिवार को सात साल की बच्ची की स्कूल बस के टूटे फर्श से गिरकर पहिये से कुचलकर दर्दनाक मौत हो गई। ये खस्ता हाल स्कूल बस कई दिनों से ऐसे ही बच्चों को लेने-जाने का काम रही थी। इस बस को ना ही विभाग और स्कूल प्रबंधन ने रोका। बपरवाह होकर ये ऐसे ही चलती रही। नतीजा ये हुआ कि एक मासूम बच्ची की जान चली गई।
स्कूल बस के टूटे फर्श से गिरी मासूम की पहिये से कुचलकर दर्दनाक मौत
दरअसल हुआ यू कि ब्रेकर पर स्कूल बस उछली तो बस के टूटे फर्श से यूकेजी की छात्रा नीचे गिर गई। नीचे गिरते ही वो बस के पहियों के बीच आ गई और कुचली गई। ये देखकर बस में मौजूद बच्ची का भाई समेत बाकी बच्चे चीखने लगे। हैरानी की बात तो ये है कि चालक ने बच्ची को बेहोश समझा और उसे सीट पर लिटा दिया।

लहुलूहान बच्ची को चालक ने बेहोश समझकर सीट पर लिटा दिया
जब बच्ची को ग्रामीणों ने देखा कि उसमें जान ही नहीं है तो चालक की पिटाई कर उसे पुलिस के हवाले कर दिया। साथ ही जमकर हंगामा भी किया। काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने सभी को शांत किया।
छुट्टी से लौटते समय हुआ हादसा
दरअसल जनसेवा केंद्र संचालक रवि कुमार के बच्चे माउंट देव इंटरनेशनल स्कूल में पढ़ते हैं। बेटा गोलू तीसरी कक्षा में पढ़ता है। तो वहीं सात साल की बेटी अनन्या केजी में पढ़ती थी। बस से दोनों भाई-बहन स्कूल से आते-जाते थे। शनिवार को बस चालक चंद्रपाल 50 बच्चों को लेकर निकला।
क्या हुआ था?
मृतक अनन्या कंडक्टर साइड की ओर सीट पर बैठी थी। दोपहर करीब ढाई बजे ब्रेकर पर बस उछली। इस दौरान अनन्या बस के टूटे फर्श के हिस्से से नीचे जा गिरी और पिछले पहिये के नीचे आई गई। भाई ने बहन को गिरता देख चीखा और बस रुकवाई। लहुलूहान बच्ची को चालक ने उठाया और सीट पर लाकर लिटा दिया। ड्राइवर द्वारा बच्ची के पिता रवि को फोन पर घायल बच्ची की जानकारी दी गई। बच्ची को मृत देख परिवार बिलख उठा।