रुड़की गैंगरेप केस। पकड़े गए पांच आरोपी, हुआ ये बड़ा खुलासा, पुलिस टीम को ईनाम

SSP HARIDWAR YOGENDRA RAWAT ROORKEE GANG RAPE CASE

 

हरिद्वार पुलिस के लिए नाक का सवाल बनी गैंगरेप की घटना का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ ही घटना में प्रयोग की गई कार भी बरामद कर ली गई है।

गुरुवार को हरिद्वार के एसएसपी डॉ. योगेंद्र सिंह रावत ने रुड़की की सिविस लाइंस कोतवाली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसकी जानकारी दी है। एसएसपी ने बताया कि आरोपियों को पकड़ने के लिए चार टीमें बनाईं गईं थीं। कई सीसीटीवी कैमरों की फुटेज चेक की गई। सर्विलांस का सहारा लिया गया। इसके बाद आरोपियों को चिह्नित कर उनकी तलाश शुरु हुई। पूरी घटना में पांच आरोपियों के नाम सामने आए। इसके बाद टीमों का गठन किया गया और आरोपियों की तलाश शुरु हुई। पुलिस ने जिन आरोपियों को पकड़ा उनमें महक सिंह उर्फ सोनू निवासी इमलीखेड़ा, राजीव उर्फ विक्की तोमर निवासी बेल्डा थाना भोपा मुजफ्फरनगर उत्तर प्रदेश, तेजियान निवासी शाहपुर थाना देवबंद जिला सहारनपुर, जगदीश निवासी शाहपुर थाना देवबंद जिला सहारनपुर शामिल हैं। इनकी निशानदेही पर उस कार को भी बरामद कर लिया गया है जिसमें गैंगरेप किया गया।

बताया जा रहा है कि पहले सोनू ने महिला और उसकी बच्ची को मोटरसाइकिल पर बैठाया और सोनाली पुल के पास हाईवे से नीचे पार्क के पास सुनसान स्थान पर लाकर रेप किया। इसके बाद वहां आई एक कार में सवार चार लोगों को देखकर सोनू महिला और उसकी बेटी को छोड़कर भाग गया। इसके बाद उन चारों लोगों ने महिला और उसकी बच्ची को कार में बैठाया और कोर इंजीनियरिंग कॉलेज से मंगलोर की ओर लाकर खेतों में महिला और बच्ची के साथ गैंगरेप की घटना को अंजाम दिया। इसके बाद चारों व्यक्ति कार में बैठकर मंगलौर की ओर भाग निकले।

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आपको बता दें कि रुड़की कलियर मार्ग पर 24 जून को एक महिला और उसकी छह साल की मासूम बेटी के साथ दुष्कर्म किया गया था। आरोपियों ने दोनों को एक कार में बैठा कर उनके साथ गैंगरेप किया और उसके बाद गंगनहर के किनारे फेंक कर चले गए थे।

गैंगरेप की घटना के बाद इस मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग की टीम ने भी मौके का मुआयना किया और महिला और उसकी बेटी से भी मुलाकात की थी। इसके साथ ही पुलिस को भी आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के निर्देश दिए थे।

वहीं इस पूरे मामले में आरोपियों को महज छह दिनों के भीतर पकड़ने पर डीआईजी गढ़वाल ने टीम को 50000 रुपए का ईनाम दिया है। आपको बता दें कि पुलिस ने आरोपियों पर भी ईनाम घोषित कर रखा था।

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