कपूर दंपती को मिल गई उत्तराखंड में खोई बिल्ली ‘लियो’, ढूंढने के लिए खर्च किए ढाई लाख रुपये

नैनीताल जिले में 4 महीने पहले बेंगलूरु से घूमने आए कपूर परिवार की पालतू बिल्ली रिजॉर्ट के पास जंगल में चली गई थी। कपूर परिवार ने खूब ढूंढा लेकिन लियो नहीं मिली। चार महीने बाद आज जब लियों की खबर मिली तो कपूर दंपती बेंगलूरु से नैनीताल पहुंची और बिल्ली को पाकरखुश हुए। बता दें कि पालतू बिल्ली की तलाश पर कपूर परिवार ने दो लाख रुपये खर्च कर दिए।

मिली जानकारी के अनुसार बेंगलुरु के रहने वाले हर्ष कपूर पिछले साल 1 अक्टूबर 2020 को अपनी पत्नी भव्या कपूर और दो पालतू बिल्लियों-लियो व कोको के साथ तीन दिन के लिए नैनीताल घूमने आए थे। वह हल्द्वानी रोड पर भुजियाघाट के समीप सूर्यागांव में बने बलौट रिजॉर्ट में रुके। उन्होंने दोनों बिल्लियों को रिजॉर्ट के लॉन में घूमने के लिए छोड़ दिया तभी लियो गायब हो गई। कपूर दंपती परेशान हो गई औऱ बिल्ली को ढूंढने के लिए अपनी छुट्टियां तीन दिन और बढ़ाकर लियो को आसपास के जंगल में ढूंढने लगे। उन्होंने फ्लाइट कैंसिल कर दी। अगले दिन सुबह की उनकी फ्लाइट थी। यहां तक कि उन्होंने बिल्ली के ढूंढने वाले या पता बताने वाले को पांच हजार रुपये का इमान देने की भी घोषणा की। तमाम गांव वालों और रिजॉर्ट के कर्मियों के प्रयासों के बावजूद लियो नहीं मिल पाई। इस पर दंपति मायूस होकर 10 अक्टूबर को बेंगलुरु लौट गए। यह बिल्ली 21 जनवरी को किसी ग्रामीण को दिखाई दी। इसकी सूचना कपूर दंपत्ति को दी गई।

कपूर दंपत्ति 25 जनवरी को बेंगलुरु से फ्लाइट पकड़कर भुजियाघाट पहुंचे, जहां दो दिन की कड़ी मेहनत के बाद उन्हें आखिरकार 26 जनवरी की रात उनकी बिल्ली लियो जंगल से लगे एक खंडहरनुमा मकान में मिल गई । इससे उन्होंने राहत की सांस ली है। लियो को फिर से पाकर कपूर दंपत्ति खासे खुश हैं। हर्ष कपूर का कहना है कि वैसे तो लियो और कोको सामान्य बिल्ली हैं। लेकिन दोनों बिल्लियां उन्हीं के घर में पैदा हुईं। इस कारण उनका उनसे गहरा पारिवारिक लगाव है। वो जहां भी जाते हैं बिल्लियां भी उनके साथ जाती हैं। लियो के गायब होने से वह बेहद परेशान थे। बताया गया है कि कपूर दंपत्ति के बिल्ली लियो की खोजबीन में फ्लाइट, टैक्सी, होटल और खाने-पीने से लेकर तकरीब ढ़ाई लाख रुपये खर्च हो गए हैं।

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