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गुरिल्ला संगठन के जिलाध्यक्ष ने दी आत्मदाह की चेतावनी, 18 दिसंबर से होगा आंदोलन

18 सालों से अपनी नौकरी व पेंशन की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे एसएसबी प्रशिक्षित गुरिल्लाओं ने इस बार अपनी मांगों को लेकर सरकार से आर या पार की लड़ाई लड़ने का फैसला लिया है। उनकी मांगें पूरी ना होने पर गुरिल्ला संगठन के जिलाध्यक्ष ने सीएम आवास के बाहर आत्मदाह करने की चेतावनी दी है।

आर या पार की लड़ाई की तैयारी में गुरिल्ला संगठन

अपनी मांगों को लेकर गुरिल्ला संगठन कई सालों से प्रदर्शन कर रहा है। लेकिन 18 साल बीत जाने के बाद भी उनकी मांगें पूरी नहीं हो पाई हैं। जिसके चलते अब गुरिल्ला संगठन ने आर या पार की लड़ाई लड़ने का फैसला लिया है। चंपावत जिले के गुरिल्ला संगठन के जिलाध्यक्ष ललित बगौली ने बताया 11 नवंबर को देहरादून में प्रदेश अध्यक्ष के नेतृत्व में गुरिल्ला संगठन पदाधिकारियों की बैठक में सरकार को 15 दिसंबर तक का समय दिया गया है। अगर 15 दिसंबर तक गुरिल्लाओ की मांगे नहीं मानी जाती है तो 18 दिसंबर से प्रदेश के हजारों गुरिल्ला मुख्यमंत्री आवास कूच करेंगे।

गुरिल्ला संगठन के जिलाध्यक्ष ने दी आत्मदाह की चेतावनी

गुरिल्ला संगठन के जिलाध्यक्ष का कहना है कि मांगों पूरी ना होने पर वो 18 दिसबंर से अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू कर देंगे। बगौली ने कहा इस बार लड़ाई आर या पार की होगी। गुरिल्ले सरकार के किसी भी झूठे आश्वासन में नहीं आएंगे। बगौली ने चेतावनी देते हुए कहा अगर इस बार सरकार ने गुरिल्लाओ की मांगे नहीं मानी गई तो वो मुख्यमंत्री आवास के बाहर आत्मदाह कर लेंगे।जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रदेश सरकार की होगी।

महाआंदोलन को लेकर प्रदेशभर में गुरिल्ला कर रहे तैयारी

बगौली ने कहा कि उनके पास खोने के लिए अब कुछ नहीं बचा है। अपने इस आंदोलन में वो पुलिस की मार खाकर दिव्यांग तक हो चुके हैं। बगौली ने मुख्यमंत्री धामी से गुरिल्लाओं की नौकरी व पेंशन की मांग को पूरी करने की अपील की है। बता दें कि महाआंदोलन को लेकर पूरे प्रदेश के गुरिल्लाओं ने तैयारी शुरू कर दी है

Yogita Bisht

योगिता बिष्ट उत्तराखंड की युवा पत्रकार हैं और राजनीतिक और सामाजिक हलचलों पर पैनी नजर रखती हैंं। योगिता को डिजिटल मीडिया में कंटेंट क्रिएशन का खासा अनुभव है।
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