विधानसभा से बर्खास्त कर्मचारियों ने हाईकोर्ट में दायर की अवमानना याचिका

HIGH COURT
नैनीताल हाईकोर्ट ने सोमवार को कोर्ट के आदेश होने के बाद भी उत्तराखंड विधानसभा से बर्खास्त किए गए कर्मचारियों को नौकरी में फिर से नियुक्त नहीं किए जाने को लेकर दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई की। मामले में अगली सुनवाई 24 नवंबर को होगी।

वरिष्ठ जज संजय कुमार मिश्रा की एकलपीठ में भूपेंद्र सिंह बिष्ट और 13 अन्य द्वारा दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई हुई। याचिका में कहा है कि हाईकोर्ट ने 15 अक्टूबर को आदेश पारित कर 27, 28 और 29 सितंबर के निलंबन आदेश पर रोक लगा दी थी और उन्हें पूर्व सेवारत पदों पर नियुक्ति देने के लिए कहा था। याचियों का कहना है कि हाईकोर्ट में आदेश के बावजूद विधानसभा में उनको नियुक्ति नहीं दी जा रही है।

पूर्व में दायर याचिका में कहा गया था कि विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी ने 23 सितंबर को वर्ष 2016 से 2022 के बीच हुई 228 भर्तियों को रद्द कर दिया था। विधानसभा सचिवालय द्वारा कर्मचारियों को बर्खास्तगी के नोटिस जारी किए गए थे। कर्मचारियों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि विधानसभा में 2002 से 2015 तक कई पदों पर बैकडोर से भर्ती की गई थी। सरकार ने इन नियुक्तियों को वैध मानकर उन्हें नियमित कर दिया था, लेकिन 2015 के बाद लगे कर्मचारियों की नियुक्ति को गलत मानते हुए उन्हें बर्खास्त कर दिया गया था हाईकोर्ट ने बर्खास्तगी आदेश पर रोक लगाते हुए कर्मचारियों को फिर से नियुक्ति करने के आदेश दिए थे।

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