Uttarkashi News

धराली–हर्षिल के आपदा प्रभावितों का धरना समाप्त, DM के आश्वासन के बाद माने प्रदर्शनकारी

उत्तरकाशी की भटवाड़ी तहसील अंतर्गत धराली–हर्षिल क्षेत्र में अतिवृष्टि के कारण आई बाढ़ के बाद पुनर्वास और सहायता राशि की मांग को लेकर सोमवार को जनपद मुख्यालय स्थित काली कमली धर्मशाला में प्रदर्शन कर रहे आपदा प्रभावितों ने जिलाधिकारी के हस्तक्षेप के बाद अपना धरना समाप्त किया।

DM ने किया आपदा प्रभावितों से संवाद

प्रदर्शन की जानकारी मिलते ही जिलाधिकारी प्रशांत आर्य स्वयं मौके पर पहुंचे और धरना दे रहे आपदा प्रभावित ग्रामीणों से संवाद किया। जिलाधिकारी ने प्रभावितों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और उन्हें आश्वस्त किया कि राहत एवं पुनर्वास कार्यों में तेजी लाई जाएगी। डीएम ने कहा शासन के तय मानकों के अनुसार पात्र प्रभावितों को शीघ्र सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी।

प्रभावितों की समस्याओं का समाधान है प्रशासन की प्राथमिकता: DM

डीएम प्रशांत आर्य ने इस दौरान संबंधित विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि आपदा प्रभावितों की समस्याओं का समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि राहत कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी जायज मांगों को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाएगा।

ये भी पढ़ें: उत्तरकाशी धराली त्रासदी: कर्नल कोठियाल ने उठाए आपदा प्रबंधन पर सवाल, बोले हम एक को भी नहीं निकाल पाए

DM के आश्वासन के बाद आपदा प्रभावितों ने ख़त्म किया धरना

जिलाधिकारी प्रशांत आर्य की संवेदनशीलता, पारदर्शी कार्यप्रणाली और व्यक्तिगत आश्वासन के बाद प्रभावित ग्रामीणों ने प्रशासन पर भरोसा जताते हुए धरना स्थगित करने का निर्णय लिया। धरना समाप्त होने के बाद जनपद मुख्यालय में स्थिति सामान्य होने लगी और प्रभावित ग्रामीण अपने-अपने क्षेत्रों की ओर लौट गए।

Sakshi Chhamalwan

उत्तराखंड की युवा और अनुभवी पत्रकार साक्षी छम्मलवाण टीवी और डिजिटल मीडिया दोनों में कार्य का अनुभव रखती हैं। वर्तमान में वे खबर उत्तराखंड (khabaruttarakhand.com) से जुड़ी हैं। उत्तराखंड की राजनीतिक हलचल, देश-दुनिया की प्रमुख खबरें और धर्म से जुड़े विषयों पर इनकी रिपोर्टिंग तथ्यपरक और गहन होती है। उत्तराखंड | TV + Digital Media खबर उत्तराखंड
Back to top button
उत्तराखंड की हर खबर
सबसे पहले पाने के लिए!
📱 WhatsApp ग्रुप से जुड़ें