धामी सरकार ने उत्तराखंड बोर्ड की पढ़ाई का पैटर्न बदला

उत्तराखंड में अब सरकारी स्कूलों में सीबीएसई पैटर्न लागू किया जा रहा है। कैबिनेट ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस पैटर्न के लागू होने के बाद राज्य के सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों को अंक अधिक आएंगे साथ ही उनको अन्य प्रतियोगी परिक्षाओं में भी आसानी होगी।

उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। इसके तहत बोर्ड की 10वीं और 12वीं की परीक्षा का मूल्यांकन अब सीबीएसई पैटर्न पर किया जाएगा।

अब 10वीं में भाषा विषय में 100 अंक की लिखित परीक्षा के स्थान पर 20 अंक का आंतरिक मूल्यांकन होगा। लिखित परीक्षा के 80 अंक रहेंगे। वहीं 12वीं में कला विषयों में आंतरिक मूल्यांकन की व्यवस्था की गई है। इस व्यवस्था से उत्तराखंड बोर्ड के परीक्षार्थी सीबीएसई पैटर्न पर ज्यादा अंक ला सकेंगे।

सीबीएसई पैटर्न पर मूल्यांकन होने से 10वीं कक्षा में परीक्षार्थियों के लिए भाषा विषय में 20 अंक का आंतरिक मूल्यांकन होगा। 10वीं की परीक्षा में आंतरिक मूल्यांकन और लिखित परीक्षा, दोनों के प्राप्तांक मिलाकर 33 प्रतिशत होने पर परीक्षार्थी उत्तीर्ण माना जाएगा। उत्तराखंड बोर्ड में इससे पहले भाषा विषय में आंतरिक मूल्यांकन की व्यवस्था नहीं थी। माना जा रहा है कि आंतरिक मूल्यांकन से बच्चे का प्रदर्शन सुधरेगा और उसे अधिक अंक मिलेंगे।

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12वीं की परीक्षा में आंतरिक मूल्यांकन की व्यवस्था कला वर्ग के विषयों इतिहास, राजनीति विज्ञान आदि पर भी लागू होगी। हालांकि 12वीं में आंतरिक मूल्यांकन एवं प्रायोगिक विषयों में प्रायोगिक परीक्षा और लिखित परीक्षा में अलग-अलग पास होना अनिवार्य होगा तभी उसे पास माना जाएगा।

प्रायोगिक परीक्षा के अंक 30 ही रहेंगे, लेकिन इसमें 15 अंक आंतरिक मूल्यांकन के होंगे। बाह्य प्रायोगिक परीक्षा 15 अंकों की होगी। व्यावसायिक शिक्षा में कौशल विकास के अंक भी मिलेंगे। जिन माध्यमिक विद्यालयों में इसमें मूल्यांकन की वर्तमान व्यवस्था लागू रहेगी।

 चूंकि लगभग सभी प्राइवेट स्कूलों में सीबीएसई पैटर्न पर पढ़ाई होती है और बोर्ड में इस पैटर्न पर पढ़ाई न होने से अक्सर प्रतियोगी परिक्षाओं में बोर्ड के बच्चे पिछड़ जाते हैं। माना जा रहा है कि सरकार के इस कदम से बोर्ड के बच्चों को प्रतियोगी परिक्षाओं में भी सुविधा होगी।

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