उत्तराखंड: देवस्थानम बोर्ड खत्म, श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति पुनर्जीवित, नोटिफिकेशन जारी

देहरादून: सरकार ने देवस्थानम बोर्ड भंग कर दिया था, उसका गजट नोटिफिकेशन हो गया है। उत्तराखंड चारधाम देवस्थानम प्रबंधन अधिनियम 2019 के निरस्त होने के बाद बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति अधिनियम-1939 को भी पुनर्जीवित कर दिया गया है। चारधाम देवस्थानम प्रबंधन को निरस्त करने वाला विधेयक 11 दिसंबर को विधानसभा में पारित किया गया था।

अपर सचिव महेश चंद्र कौशिवा की ओर जारी गजट नोटिफिकेशन में उत्तराखंड चारधाम देवस्थानम बोर्ड को निरस्त कर दिया गया है। निरसित होते हुए भी निरसित अधिनियम के अधीन किसी प्राधिकारी या किसी अधिकारी की ओर से सभी नियम, उप विधियां बनाये गये विनिमय अधिसूचना और जारी प्रमाण पत्र, पारित आदेश किये गये निर्णय की याथावत रहेंगे, लेकिन उसकी शर्त यह है कि वह इस अधिनियम के असंगत नहीं होने चाहिए।

इसी प्रावधान के तहत चारधाम देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड के निरसन से पहले उत्तराखंड चारधाम की सूचनाओं हेतु अधिकृत मीडिया प्रभारी को उत्तराखंड चारधाम अब फिर से पुनर्जीवित बदरीनाथ-केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री की यात्रा सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए अधिकृत समझा जायेगा। श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति में प्रभारी मीडिया का शासन से स्वीकृत पद है।

देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड के भंग होने के बाद पर्ू्ववत ब्यवस्थायें बहाल हो गयी हैं। श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति अधिनियम-1939 अस्तित्व में आ गया है। बदरीनाथ धाम और बाबा केदारनाथ धाम की व्यवस्थायें एक्ट के तहत श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति संचालित करेगी। जबकि, गंगोत्री-यमुनोत्री धाम में स्थानीय स्तर पर सभी व्यवस्थाएं पूर्व की भांति संचालित की जाएंगी।

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