देहरादून : आर्मी से सेवानिवृत्त सैनिकों को बनाता था निशाना, हुआ गिरफ्तार

देहरादून : नौकरी दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले शातिर आरोपी को क्लेमेंटाउन पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इस मामले का खुलासा एसएसपी खंडूरी ने किया। जानकारी मिली है कि गिरफ्तार आरोपी पहले भी धोखाधड़ी के मामले में जेल जा चुका है। आरोपी  सेना से रिटायर लोगों को सिक्योरिटी गार्ड के रूप में कनाडा में जॉब दिलाने के नाम धोखाधड़ी कर ठगी करता था। आऱोपी सनी नाहर ने कई लोगों से नौकरी के नाम पर लाखों रुपये ठग लिए हैं।

दरअसल 28 अक्टूबर को एसएसपी ने थानाध्यक्ष क्लेमेंन टाउन सन्नी नाम के व्यक्ति द्वारा लोगों को विदेश भेजने के नाम पर उनसे ठगी करने और लोगों के पैसों का गबन कर खुद विदेश भागने कि कोशिश करने के संबंध में जानकारी दी थी और कार्रवाई के निर्देश दिए थे। एसएसपी के निर्देश पर पुलिस ने जांच शुरु की।

पीड़ित धीरज कुमार गुरुंग निवासी इंदिरापुरी फॉर्म क्लेमेंन टाउन द्वारा बताया कि वो भारतीय सेना से सेवानिवृत्त है। उसे नौकरी की तलाश थी तो मेरी मुलाकात सन्नी नाहर निवासी ओगल भट्टा, क्लेमेंट टाउन से हुई, जिसने मुझे कनाडा में G4S कंपनी में सिक्योरिटी की नौकरी लगाने की बात कही तथा इसके लिए 100000 रुपये का खर्च बताया। उसके द्वारा नौकरी दिलाने का पक्का भरोसा दिलाया और 1,70,000 सैलरी दिलाने की बात कही गयी। उसकी बातों में आकर मैंने फरवरी 2020 में सन्नी को 35000 रुपये दिए और अपना पासपोर्ट व अन्य कागजात भी दिए। इसके बाद हमने कई बार संपर्क करने पर जब इसने हमें वीजा, विजा अप्रूवल लेटर, व LMIA फार्म स्कैन कर दिये, तो मुझे कुछ संदेह हुआ।

बताया कि मैनें कागजों की जांच पड़ताल की तो यह सभी कागज फर्जी पाए गए। सन्नी ने सेना से रिटायर अन्य व्यक्तियों के साथ भी ऐसी धोखाधड़ी की है, जिनमें से मैं कुछ व्यक्तियों को जानता हूं। उक्त संबंध में पीड़ित द्वारा दी गयी लिखित तहरीर के आधार पर थाना क्लेमेंन टाउन में विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया औऱ जांच शुरु की गई। पुलिस ने आरोपी सन्नी नाहर को ओगल भट्टा सुभाष नगर से गिरफ्तार किया और आरोपी की निशान देही पर  कब्जे से उक्त घटना में प्रयुक्त लैपटॉप, मोबाइल, पासपोर्ट और अन्य फर्जी दस्तावेज बरामद किए। अभियुक्त को माननीय न्यायालय पेश किया जा रहा है, अभियुक्त पूर्व में भी इस प्रकार के मामले में जेल जा चुका है।

पूछताछ में खुलासा

आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वह पूर्व में ऐम्फल कंसल्ट कंपनी में एचआर के पद पर कार्य करता था, जिस दौरान उसे यह जानकारी और अनुभव हुआ कि बेरोजगार लोगों से किस प्रकार रिज्यूम लेकर उनकी नौकरी दिलवाने के संबंध में डील की जाती है। उसके बाद साल 2016 में उसने अपने जीजा पंकज पांडे के साथ मिलकर कुछ लोगों के साथ विदेश भेजने के नाम पर जालसाजी कर उनसे पैसे लिए थे, जिसके संबंध में उसके व उसके जीजा के खिलाफ क्लेमेंन टाउन थाने में दो मुकदमे दर्ज हुऐ थे जिसमें वह दोनों दोनों जेल गए थे। जेल से रिहा होने के बाद उसके जीजा लखनऊ चले गए और वह फिर लालच में आकर कम समय में अधिक पैसे कमाने के चक्कर में इस प्रकार के कार्य में लग गया।

आर्मी के रिटायर सैनिकों को बनाया निशाना

इस बार उसने कनाडा में सिक्योरिटी गार्ड के रूप में g4s कंपनी में जॉब लगाने के नाम पर सेना से रिटायर लोगों व अन्य लोगों से रुपए ऐंठने का प्लान बनाया तब उसके द्वारा अपने पिता जो कि आर्मी से रिटायरमेंट थे, जिनका स्वर्गवास हो गया है, के जानकारों से संपर्क किया, जिसमें अधिकांश आर्मी के रिटायर सैनिक थे। उनको सिक्योरिटी गार्ड के रूप में कनाडा नौकरी दिलवाने के नाम पर लालच दिया और बताया कि वहां पर आपको 170000 रुपये के लगभग सैलरी मिलेगी।

आरोपियों के झांसे में आ गए लोग

आरोपी ने बताया कि हमारी लालच में कई लोग आ गए और फिर उसने धीरज गुरुंग, अनूप कुमार थापा आदि करीब 30- 35 लोगों से संपर्क किया तथा उनका मूल पासपोर्ट और रिज्यूम व दस्तावेज आईडी आदि ले लिए और नौकरी दिलाने के नाम पर उनसे 100000 रुपये की डिमांड की. इस डिमांड के ऐवज में उसने इन सभी व्यक्तियों से करीब 35000- 35000 रुपए शुरू में ले लिए थे तथा उन सभी व्यक्तियों का पासपोर्ट, रिज्यूम तथा अन्य दस्तावेज आईडी अपने पास रख लिये। इन सभी लोगों से वह नगद पैसे लिया करता था, इनमें से कुछ लोगों से पैसे उसने अपने एक्सिस बैंक के अकाउंट में भी लिए थे और इन पैसों को उसने अपने दूसरे बैंक इंडियन ओवरसीज बैंक टर्नर रोड के खाते में जमा कर लिया था। अधिकांश लोगों से लिए हुए पैसे उसने इन्हीं खातों में जमा किए हैं, जिसमें करीब साढे चार- पांच लाख रुपये है।

बरामदगी का विवरण
1- एक लैपटॉप
2- एक मोबाइल फोन
3-35 पासपोर्ट
4-16 रिज्यूम फॉर्म
5-9 फर्जी वीजा कनाडा व दुबई
6-तीन फर्जी विजा अप्रूवल लेटर
7-21 LMIA फॉर्म
8-अभियुक्त के बैंक खातों में जमा रुपया, जिन्हें फ्रिज कराया गया।

निर्देशन पर्यवेक्षण अधिकारी

1-  सरिता डोभाल पुलिस अधीक्षक नगर देहरादून
2-  हिमांशु कुमार वर्मा सहायक पुलिस अधीक्षक /क्षेत्राधिकारी सदर देहरादून।

पुलिस टीम

1- सी0ओ0 /यू0टी0 रीना राठौर थाना प्रभारी क्लेमेंन टाउन
2- एसएसआई शोएब अली
3- उप निरीक्षक राकेश चौधरी
4-हेड कांस्टेबल राजकुमार
5-कांस्टेबल 914 सुनील पवार

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here