देहरादून ब्रेकिंग : सचिवालय-विधानसभा में बैठकर करता था ठगी, भाई हेड क्लर्क और पत्नी प्रशासनिक अधिकारी

देहरादून : उत्तराखंड में साइबर ठगों के साथ नौकरी देने के नाम पर ठगी करने के मामले भी बढ़ रहे हैं. ये दर्शाता है कि राज्य में किस तरह से बेरोजगारी का आलम है और युवाओं में नौकरी के लिए कितनी मारा मारी है। बता दें कि हम ये इसलिए कह रहे हैं क्योंकि देहरादून की पटेलनगर पुलिस ने नौकरी के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है जो खुद को सचिवालय और विधानसभा में तैनात अधिकारी बताता था।

गिरोह का मुख्य आरोपी गिरफ्तार

मिली जानकारी के अनुसार उत्तराखंड के विभिन्न सरकारी विभागों में नौकरी दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी कर करोड़ों रुपए हड़पने वाले गिरोह के एक सदस्य को पटेल नगर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी गिरोह के मुख्य सदस्य बताया जा रहा है। मिली जानकारी के अनुसार गिरोह के सदस्य द्वारा अलग-अलग व्यक्तियों से धोखाधड़ी कर बड़े स्तर पर लोगों से करोड़ों रुपए लिए गए। गिरोह के सदस्य खुद को सचिवालय से बड़ा अधिकारी बताकर धोखाधड़ी करते थे। आरोपी अभ्यार्थियों के सचिवालय और विधानसभा के खाली पड़ी केविन में इंटरव्यू लेते थे। आरोपी का भाई सूचना विभाग में हेड क्लर्क के पद पर तैनात है और पत्नी पीडब्ल्यूडी विभाग में प्रशासनिक अधिकारी के पद पर नियुक्त है।

गिरफ्तार आरोपी खुद को बताता था सरकारी अधिकारी

आपको बता दें कि गिरफ्तार आरोपी खुद को सरकारी अधिकारी बताता था जो सचिवालय और विधानसभा के खाली पड़े केबिन में अभ्यार्थियों का इंटरव्यू लेता था और रुपये एंठने का काम करते थे। साथ ही इस गिरोह के आरोपी आवेदकों को फर्जी नियुक्ति पत्र भी देते थे जिससे वो इनके झासे में आ जाते थे। खुद को अधिकारी बताकर इस गिरोह के सदस्य अब तक करोड़ों रुपये की ठगी कर चुके थे। लेकिन ये खेल ज्यादा दिनों तक नहीं चला।

आरोपी ने पूछताछ में किया खुलासा

अभियुक्त कमल किशोर पाण्डेय से पूछताछ करने पर बताया कि मैने बी-टैक की शिक्षा प्राप्त की है मैने 2015 से 2019 तक मर्चेन्ट नेवी रिक्रूटमेन्ट का काम किया है। मै ललित बिष्ट व मनोज नेगी को काफी समय से जानता हूँ। मेरा भाई सूचना विभाग में हेड क्लर्क के पद पर नियुक्त है। ललित बिष्ट की पत्नी पीडब्लूडी विभाग मे प्रशासनिक अधिकारी के पद पर नियुक्त है। मनोज नेगी उत्तराखण्ड जल विद्युत निगम पौडी मे सविंदा पर नियुक्त है, जिस कारण हम सभी लोगों का सचिवालय मे आना जाना लगा रहता था, हमें सचिवालय व विधानसभा की अच्छी जानकारी थी।

आरोपी ने बताया कि उसने ललित बिष्ट व मनोज नेगी के साथ मिलकर लोगों को सरकारी नौकरी क्लर्क के पद पर लगाने का झाँसा देकर पैसा कमाने की योजना बनाई। वो साल 2018 में एक विवाह समारोह मे मनीष कुमार से मोती बाजार में मिला. बताया कि उसने उनकी नौकरी लगवाने की बात कही, जिसके बाद मनीष कुमार द्वारा अपने भाई, साले व अन्य लोगों को नौकरी लगवाने के लिए कहा, जिस पर मैनें मनीष कुमार व अन्य लोगों से आईएसबीटी, विधान सभा के पास कई बार मुलाकात की व प्रत्येक अभ्यर्थी की विभिन्न सरकारी विभागों में नौकरी लगाने के एवज में 6 लाख 50 हजार रुपये प्रत्येक से लेना तय हुआ जिसके लिए मैनें ललित बिष्ट व मनोज नेगी की सहायता से विभिन्न विभागों के फर्जी फार्म मनीष कुमार को भेजे और प्रति अभ्यर्थियों की नौकरी लगाने के लिए तय की गई धनराशि के हिसाब से 10 अभ्यर्थियों से 62 लाख रुपये प्राप्त किये जिसमें से कुछ अकाउन्ट मे व कुछ नकद प्राप्त किये।

इसके बाद मैने ललित बिष्ट व मनोज नेगी की सहायता से कुछ अभ्यर्थियों के सचिवालय व विधानसभा के खाली पडे केविन मे इण्टरव्यू कराये, इण्टरव्यू मनोज नेगी सचिव बनकर व ललित बिष्ट अपर सचिव बनकर लेता था। इंटरव्यू के बाद हमने फर्जी नियुक्ति पत्र तैयार कर अभ्यर्थियों को दिये और उनका दून अस्पताल मे मेडिकल कराया। कुछ समय पश्चात हमारे द्वारा पद निरस्त होने का बहाना बनाया गया और उनके पैसे वापस करने में जानबूझ कर टालमटोल करते रहे । हम तीनों ने अपने हिस्सो के रुपये काम के हिसाब से बाँटे। इसके अतिरिक्त हम तीनों ने मिलकर अन्य कई लोगो से भी इसी प्रकार नौकरी लगाने के एवज मे करोड़ों रुपये लिये गये है ।

नाम पता अभियुक्त:-

कमल किशोर पाण्डेय पुत्र स्व0 गिरीश चन्द्र पाण्डेय निवासी 56/14 सर्कुलर रोड जनपद देहरादून

नाम पता वांछित

1: ललित बिष्ट 2: मनोज नेगी

पुलिस टीम:-
1- प्रदीप कुमार राणा, प्रभारी निरीक्षक कोतवाली पटेलनगर देहरादून
2-वउनि कुन्दन राम, कोतवाली पटेलनगर जनपद देहरादून
3-उनि देवेन्द्र कुमार गुप्ता, कोतवाली पटेलनगर जनपद देहरादून
4- कानि 565 राजीव कुमार, का0 1034 रणवीर प्रजापति, कां0 1079 बृजमोहन रावत, का0 370 श्रीकान्त ध्यानी, कां0 613 आशीष नेगी, कोतवाली पटेलनगर देहरादून

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