लाडले का चेहरा देखने के लिए तरसे परिजन, सड़क टूटने के कारण देरी से पहुंचा शहीद का पार्थिव शरीर

जम्मू कश्मीर के पुंछ में आतंकियों के साथ हुई मुठभेड़ में शहीद हुए नायक हरेंद्र का पार्थिव शरीर देरी से उनके पैतृत गांव पहुंचा। आज मंगलवार को सैन्य सम्मान के साथ शहीद का अंतिम संस्कार किया गया। बता दें कि सोमवार को शहीद के गांव पीपलसारी का रास्ता बारिश के कारण बाधित हो गया था। जिस कारण उनका पार्थिव शरीर उनके गांव नहीं पहुंच पाया। शहीद के पार्थिव शरीर को रिखणीखाल के सरकारी अस्पताल में रखा गया था।परिजन और गांव वाले लाडले का चेहरा देखने को तरस गए। घंटों इंतजार करते रहे।

बता दें कि रविवार को शहीद का पार्थिव शरीर जौलीग्रांट एयरपोर्ट से सेना के विशेष वाहन से लैंसडौन लाया गया था। सोमवार सुबह शहीद का पार्थिव शरीर अंतिम संस्कार के लिए उसके पैतृक गांव पीपलसारी ले जाया जाना था, लेकिन भारी बारिश के कारण रास्ता बंद हो गया और शहीद के पार्थिव शरीर को रिखणीखाल स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में रखा गया था। सेना और प्रशासन के अधिकारी बारिश थमने के इंतजार करते रहे लेकिन रविवार को बारिश नहीं थमी।

शहीद के परिजन अपने लाडले की एक झलक पाने के लिए बेचैन दिखे। वे रविवार शाम तक शहीद के पार्थिव शरीर का इंतजार करते रहे। परिजनों को शनिवार शाम बेटे की शहादत की सूचना मिली थी। इसके बाद से शहीद के पिता छवाण सिंह रावत, मां सरोजनी देवी, पत्नी लता देवी का एक-एक पल बेचैनी और परेशानी में बीता। शहीद की बेटी आकांशी (11) पिता के बारे में दादा से पूछती रही कि पापा कब आएंगे लेकिन वो पोती को कोई जवाब नहीं दे पाए। गांव वालों का सैलाब उमड़ा।

सेना की ओर से शहीद का पार्थिव शरीर सोमवार को उनके गांव पीपलसारी ले जाया जाना था। लेकिन भारी बारिश हर जगह परेशानी का सबब बनी रही। बारिश के कारण ढाबखाल के निकट मलबा आने से मार्ग बाधित हुआ। हालांकि लोनिवि की जेसीबी यहां तैनात रही, लेकिन बारिश लगातार होने से मार्ग पर मलबा आता रहा। कंडिया से शहीद के ग्राम पीपलसारी तक के कच्चे मार्ग पर लगातार मलबा आता रहा, जिससे यह मार्ग वाहनों के चलने लायक नहीं रहा।

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