उत्तराखंड : डी-फार्मा कर खोला मेडिकल स्टोर और फिर करने लगा ये खतरनाक काम

ऋषिकेश: नशाखोरी बड़ी समस्या बन गई है। नशे के सामान की मांग जैसे-जैसे बढ़ रही है। वैसे-वैस नशा करने वालों के साथ ही तस्करों की संख्या भी बढ़ रही है। इससे युवा बर्बाद हो रहे हैं। वहीं, बर्बाद करने वालों में यूपी के साथ ही उत्तराखंड के युवा भी शामिल हैं। ऐसा ही एक मामला ऋषिकेश में सामने आया है।

SOG देहात की टीम ने दो नशा तस्करों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से 290 अलग-अलग ब्रांड के नशीले इंजेक्शन बरामद किए गए हैं। हरिद्वार से यह नशा लाकर यह लोग ऋषिकेश और आसपास क्षेत्र में सप्लाई करते थे। गिरफ्तार एक आरोपित ने डी फार्मा किया हुआ है। ज्वालापुर हरिद्वार की एक क्लिीनिक में काम करता है। इस कारण उसे इस तरह की दवाइयों का बेहतर ज्ञान था, जिसका वह दुरुपयोग नशा तस्करी में कर रहा था।

पुलिस अधीक्षक देहात कमलेश उपाध्याय के मुताबिक एसओजी देहात की टीम की ओर से लगातार ऐसे व्यक्तियों की निगरानी कर चेकिंग की जा रही थी जो अवैध रूप से नशे के कारोबार में संलिप्त हैं। चेकिंग के दौरान हरिद्वार रोड राजकीय महाविद्यालय परिसर के सामने भरत विहार स्थित खाली ग्राउंड के पास से बिना नंबर की स्कूटी में दो व्यक्तियों को रोककर चेक किया तो उनके पास भारी मात्रा में दो अलग-अलग ब्रांड के नशीले कुल 290 इंजेक्शन बरामद हुए। मौके पर औषधि निरीक्षक अनीता भारती को मौके पर बुलाकर उपरोक्त बरामद दवाइयां चौक करवाई गई।

SOG टीम ने मौके से कासिब पुत्र एहसान अली निवासी बकरा मार्केट ज्वालापुर हरिद्वार और रिजवान पुत्र रियाज निवासी बकरा मार्केट ज्वालापुर हरिद्वार को गिरफ्तार कर लिया। इनके कब्जे से 290 अलग-अलग ब्रांड के नशीले इंजेक्शन बरामद किए गए हैं। हरिद्वार से यह नशा लाकर यह लोग ऋषिकेश और आसपास क्षेत्र में सप्लाई करते थे। गिरफ्तार एक आरोपित ने डी फार्मा किया हुआ है।

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