जब चाचा भए DSP तो डर काहे, गाड़ी में पार्टी का झंडा लगाकर कर्फ्यू में घूमने निकला युवक, भरना पड़ा जुर्माना

कहावत है कि सैंया भए कोतवाल तो डर काहे। सैयां तो नहीं लेकिन बिहार में एक युवक ने चाचा के पद का रौब दिखाया जो बिहार पुलिस मुख्यालय में तैनात डीएसपी हैं। कर्फ्यू में युवक घूमने निकला और वह भी कार में अपने पार्टी का झंडा लगाकर। जी हां बता दें कि युवक खुद सत्ताधारी पॉलिटिकल पार्टी JDU का नेता था। रौब से पटना का एक युवक गाड़ी से लॉकडाउन के दौरान घूमने निकला. एक तरफ गाड़ी पर पुलिस का स्टीकर औऱ दूसरी तरफ पार्टी का झंडा लेकिन पुलिस ने उसे रोक ही लिया। तो वो पुलिस को रौब दिखाने लगा.

दरअसल मामला बिहार के पटना के डाकबंगला चौराहे का है. गुरूवार की शाम पुलिस ने एक ऐसी गाड़ी को रोका जिस पर पुलिस का स्टीकर तो लगा ही था, JDU का झंडा भी लगा था. सिपाहियों ने गाड़ी पर नजर आ रहे डबल पावर वाले चिह्न को देखा तो उसे जाने देने के लिए रास्ता छोड़ दिया. लेकिन तब तक वहां ड्यूटी पर तैनात दारोगा की नजर गाडी़ पर पड़ गयी. दारोगा एक ही गाडी़ पर खाकी औऱ खादी दोनों का चिह्न देखकर दौड़ कर गाड़ी रूकवाई.

पुलिस ने युवक से पूछा कि गाड़ी पर पुलिस का स्टीकर कैसे लगा लिया. गाड़ी में सवार युवक ने कहा कि उसके चाचा डीएसपी हैं. उसने अपने चाचा का नाम भी बताया जो पुलिस मुख्लालय में पोस्टेड हैं. पुलिसकर्मियों ने पूछा कि अगर पुलिस का स्टीकर लगाया है तो फिर JDU का झंडा क्यों लगा रखा है. गाडी मालिक ने खुद को JDU का नेता भी बताना शुरू कर दिया. तब पुलिस ने पूछा कि कर्फ्यू में गाडी़ से घूमने का अधिकार किसने दिया. युवक की बोलती बंद हो गयी.

पटना के डाकबंगला चौराहे पर तैनात ट्रैफिक पुलिस के सेक्टर प्रभारी एमके सुमन ने बताया कि गाड़ी के मालिक का नाम सुधीर कुमार सिंह औऱ उसे चला रहे व्यक्ति का नाम निशांत सिंह रणावत था. उनसे दो हजार रूपये का जुर्माना वसूला गया. साथ में हिदायत दी गयी कि बिना अधिकार के पुलिस का स्टीकर लगा कर नहीं चले.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here