ब्रेकिंग : इन महीनों में कोरोना का कहर होगा पीक पर, एक दिन में आ सकते हैं इतने लाख केस

नई दिल्ली।भारत में एक बार फिर कोरोना ने रफ्तार पकड़ ली है। मामलों में तेजी देखी जा रही है. नए वैरिएंट का कहर बरपना शुरु हो गया है। 2022 के पहले दिन देश में 22,755 नए कोरोना के मामले दर्ज किए गए है। बीते साल 26 दिसंबर से कोरोना के दैनिक मामलों में वृद्धि हो रही है। विशेषज्ञों का मानना ​​है कि महामारी की तीसरी लहर पहले ही आ चुकी है और ओमिक्रॉन ने डेल्टा वैरिएंट की जगह लेना शुरू कर दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि फरवरी या मार्च महीने में कोरोना केस अपने चरम पर हो सकते हैं, उस वक्त दैनिक मामले दो लाख के करीब तक हो सकते हैं।

दिंसबर के मध्य में हर रोज कोरोना केस 6,000 आ रहे थे लेकिन अचानक कोरोना मामलों में तेजी आई है। ऐसे में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सतर्क कर दिया है और कहा है कि ओमिक्रॉन वैरिएंट के कारण भारत में कोरोना मामले बढ़ सकते हैं, इसलिए सभी को तैयार रहना होगा।

तीसरी लहर को लेकर विशेषज्ञों, वैज्ञानिकों के अलग-अलग अनुमान हैं। कोरोना की तीसरी लहर के बारे में नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ. वीके पॉल का कहना है कि यह लोगों और टीकाकरण कवरेज पर निर्भर करता है। एक प्रभावी रोकथाम रणनीति के माध्यम से ही कोरोना संक्रमण के प्रसार को रोका जा सकता है, ऐसे में कोरोना की तीसरी लहर की संभावना कम है। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि ओमिक्रॉन के कारण कोरोना केस बढ़ेंगे जरूर लेकिन यह डेल्टा वैरिएंट के मुकाबले ज्यादा गंभीर नहीं है। कोरोना के सर्वाधिक मामले फरवरी-मार्च तक पहुंचने की संभावना है।

महाराष्ट्र के अतिरिक्त मुख्य सचिव (स्वास्थ्य) डॉ. प्रदीप व्यास ने हाल ही में भविष्यवाणी की है कि जनवरी के तीसरे सप्ताह तक महाराष्ट्र में कुल दो लाख कोरोना केस हो सकते हैं। उन्होंने एएनआई को बताया कि राज्य में बढ़ते कोरोना के मामलों की मौजूदा प्रवृत्ति के आधार पर, जनवरी 2022 के तीसरे सप्ताह तक हमारे पास लगभग दो लाख सक्रिय मामले होने की उम्मीद है। कहा कि यह कहना कि ओमिक्रॉन ज्यादा घातक नहीं है, भ्रामक हो सकता है। यह उन लोगों के लिए समान रूप से घातक है जिन्हें टीका नहीं लगाया गया है और उन्हें कॉमरेडिडिटीज हैं।

वहीं, आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर मनिंद्र अग्रवाल के अनुसार, कोरोना का पीक मार्च की शुरुआत में प्रति दिन लगभग 1.8 लाख मामलों के साथ होगा। 10 मामलों में से एक को अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता होगी।

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