ट्विटर पर ट्रेंड कर रहे CM धामी और उनका ‘यूनिफार्म सिविल कोड’ वाला बयान, भड़के ओवैसी, दिया ये बयान

देहरादून : उत्तराखंड में आज शाम 6 बजे से प्रचार थम गया है। अब कोई प्रचार प्रसार नहीं होगा। सीधे 14 फरवरी को मतदान होगा। लेकिन इससे पहले सीएम पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को एक वीडियो जारी कर बड़ा बयान दिया है। इससे राजनीति में हलचल मच गई है। ये बयान देशभर में छा गया है और सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहा है।

आपको बता दें कि आज सीएम धामी ने एक वीडियो जारी करते हुए कहा कि अगर भाजपा दोबारा उत्तराखंड में सत्‍ता में दोबारा आती है तो शपथ ग्रहण के तुरंत बाद वह यूनिफार्म सिविल कोड लाएंगे। इसके लिए विशेष कमेटी गठित की जाएगी। पुष्कर सिंह धामी की ओर से राज्य में समान नागरिक संहिता लागू करने का वादा करने के बाद विपक्षी दलों ने इस पर मिली-जुली प्रतिक्रिया दी है। भारतीय जनता पार्टी और भाजपा युवा मोर्चा ने इस पहल के लिए धामी की सराहना की।

वहीं सीएम के इस बयान पर पलटवार करते हुए एआईएसआईएस चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि सीएम को समझना चाहिए कि ‘यूनिफॉर्म’ का मतलब आम नहीं होता। एआईएसआईएस और राजद पार्टी ने सीएम धामी के इस बयान पर वार किया है औऱ कहा कि यह वादा उत्तराखंड विधानसभा चुनाव को देखते हुए किया जा रहा है। कहा कि  बाबा कहते थे कि यह स्वैच्छिक होना चाहिए अनिवार्य नहीं। हम विविधता में एकता में विश्वास करते हैं। ओवैसी ने स्पष्ट किया कि राष्ट्र एक है लेकिन संस्कृतियां अलग अलग हैं। लोगों को अनुच्छेद-29 के अनुसार अपनी संस्कृति को संरक्षित करने का अधिकार है।

एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने आगे कहा- धामी ने यह वादा इसलिए किया है क्योंकि उन्हें पता है कि भाजपा इस बार उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव हार जाएगी। मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि उन्होंने राज्य के विकास के लिए क्या किया है। वहीं राजद नेता मनोज झा ने भी यूनिफार्म सिविल कोड का वादा करने को लेकर धामी पर तीखा हमला बोला।

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