चमोली आपदा : कइय़ों की उम्मीद टूटी लेकिन शांति को अभी भी है लापता पति के लौटने की आस

चमोली : तपोवन में आई जल प्रलय ने कई जिंदगियों छीन ली। कई लोगों को अपनों से दूर कर दिया।टनल के अंदर कइयों के शव बुरी हालत में बरामद हुए। वहीं कइयों के मानव अंग मिले जिनको डीएनए की मदद से पहचान की गई। वहीं शवों की हालत ऐसी है कि परिजन या कमजोर दिल वाला उसे नहीं देख सकता। शवों को देख अपनों का दिल सहम गया वो फूट फूटकर रोने लगे। वहीं टीमों का रेस्क्यू जारी है। टनल से लगातार शव मिल रहे हैं जिससे लापता लोगों के परिजनों की उम्मीद टूटने लगी है। किसी ने तो बिन शव मिले लापता अपनों का क्रियाकर्म तक कर दिया। लेकिन एक ऐसी महिला है जिसने अभी उम्मीद नहीं खोई है। उसे पति के लौटने की पूरी उम्मीद है।

जी हां हम बात कर रहे हें नंदप्रयाग निवासी सत्य प्रसाद पुरोहित की पत्नी शांति देवी की जिसको उम्मीद है कि उसका पति जरुर घर लौटेगा। बता दें कि लापता सत्य प्रसाद की पत्नी और तीन छोटे बच्चे हैं। साथ ही पिता हैं। सत्य प्रसाद अपने परिवार के साथ तपोवन में किराए के मकान में रहते थे। 7 फरवरी को वो भी जल प्रलय में लापता हो गए थे तब से उनकी पत्नी शांति देवी का रो-रोकर बुरा हाल है।

मिली जानकारी के अनुसार सत्य प्रसदा पुरोहित एचसीसी कंपनी में पंप ऑपरेटर थे जो की लापता है। कई लापता लोगों के परिजनों की आस टूट गई है लेकिन शांति देवी की आस नहीं टूटी। वो आज भी पति के लौटने का इंतजार कर रही है। शांति देवी का कहना है कि मलबा हटाने में लापरवाही बरती गई है। समय रहते मलबा हटाया जाता, तो उनके पति आज उनके बीच होते। शांतिदेवी ने ये भी बताया कि उनके पति को कंपनी ने 4 महीने से तन्ख्वाह भी नहीं दी थी। उनके परिवार की आर्थिक हालत खराब है। कहा कि उनके पति को काम के दौरान चोट लगी थी लेकिन कंपनी ने मदद नहीं की।

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