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कैबिनेट का फैसला, देहरादून में नियो मेट्रो के लिए सरकारी विभाग एक रुपये में देंगे जमीन, ऐसा रहेगा रूट

NEO METRO

राजधानी देहरादून में प्रस्तावित नियो मेट्रो के प्रोजेक्ट के लिए सरकारी विभाग केवल एक रुपये में जमीन देंगे। नियो मेट्रो के लिए डीपीआर पूर्व में स्वीकृत होने के बाद इसका प्रस्ताव केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय में अभी लंबित है। कैबिनेट में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। राजधानी में नियो मेट्रो के लिए लाइन बिछाने और इसके स्टेशन बनाने के लिए जमीनों की अधिग्रहण किया जाएगा।

नियो मेट्रो के जिन स्टेशनों पर सरकारी विभागों की जमीन दायरे में आ रही है, वह शहरी विकास को अपनी जमीन 99 साल के लिए देगा। इसमें ख़ास बात यह रहेगी की उस जमीन के लिए केवल एक रुपये शुल्क मिलेगा।

ऐसी होगी नियो मेट्रो

मेट्रो नियो रेल गाइडेड सिस्टम है। इसमें रबड़ के टायर वाले इलेक्ट्रिक कोच होते हैं। ये कोच स्टील या एल्युमीनियम के बने होते हैं। इसमें इतना पावर बैकअप होता है कि बिजली जाने पर भी 20 किमी तक चल सकते हैं। सामान्य सड़कों के किनारों पर फेंसिंग करके या दीवार बनाकर इसका ट्रैक तैयार किया जाता है। इसमें ऑटोमेटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम होगा जिससे स्पीड लिमिट नियंत्रण में रहेगी। टिकट का सिस्टम क्यूआर कोड या सामान्य मोबिलिटी कार्ड से होगा। ट्रैक की चौड़ाई आठ मीटर होगी। जहां ट्रेन रुकेगी वहां 1.1 मीटर का साइड प्लेटफॉर्म होगा। इसकी स्पीड 70 किमी प्रति घंटा होगी।

इतने लोग कर सकेंगे कोच में सफर

नियो मेट्रो के कोच दो तरह की लंबाई के होंगे। एक कोच 12 मीटर लंबा। इसमें अधिकतम 90 यात्री सफर कर सकेेंगे। दूसरा कोच 24 से 25 मीटर लंबा होगा। इसमें 225 यात्री सफर कर सकेंगे। कोच की चौड़ाई ढाई मीटर होगी। हर स्टेशन की लंबाई 60 मीटर तक होगी।

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नियो मेट्रो के यह होंगे रूट

आईएसबीटी से घंटाघर: यह रूट साढ़े आठ किमी होगा। आईएसबीटी, सेवला कलां, आईटीआई, लाल पुल, चमनपुरी, पथरीबाग, रेलवे स्टेशन, कचहरी, घंटाघर और गांधी पार्क पर स्टेशन बनेंगे। इस रूट के लिए 1.58 हेक्टेयर सरकारी और 1.18 हेक्टेयर निजी भूमि का अधिग्रहण होना है।

एफआरआई से रायपुर: यह रूट 13.9 किमी लंबा होगा और 15 स्टेशन बनेंगे। इनमें एफआरआई, बल्लूपुर, आईएमए ब्लड बैंड, दून स्कूल, मल्होत्रा बाजार, घंटाघर, सीसीएमसी, आराघर चौक, नेहरू कॉलोनी, विधानसभा, अपर बदरीश कॉलोनी, अपर नत्थनपुर, ऑर्डनेंस फैक्टरी, हाथीखाना चौक, रायपुर शामिल हैं। इस रूट के लिए 5.08 हेक्टेयर सरकारी और 1.38 हेक्टेयर निजी भूमि के अधिग्रहण की जरूरत है। निर्माण कार्य के दौरान करीब आठ हजार स्क्वायर मीटर जगह अस्थायी तौर पर चाहिए।

Sakshi Chhamalwan

Sakshi Chhamalwan उत्तराखंड में डिजिटल मीडिया से जुड़ीं युवा पत्रकार हैं। साक्षी टीवी मीडिया का भी अनुभव रखती हैं। मौजूदा वक्त में साक्षी खबरउत्तराखंड.कॉम के साथ जुड़ी हैं। साक्षी उत्तराखंड की राजनीतिक हलचल के साथ साथ, देश, दुनिया, और धर्म जैसी बीट पर काम करती हैं।
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