ऋषिकेश : ब्लैक फंगस के मरीज की चली गई थी आंख की रोशनी, सफल सर्जरी के बाद एम्स से डिस्चार्ज

एम्स ऋषिकेश में सर्जरी के बाद हालत स्थिर होने पर म्यूकर माइकोसिस के एक पेशेंट को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है। यह मरीज देहरादून निवासी है जिसे बीती 30 अप्रैल को एम्स में भर्ती किया गया था।

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, एम्स ऋषिकेश में भर्ती म्यूकर माइकोसिस के एक रोगी को सोमवार देर शाम डिस्चार्ज कर दिया गया। गौरतलब है कि देहरादून निवासी कोविड पॉजिटिव 59 वर्षीय पुरुष बीते माह 16 अप्रैल को कोविड संक्रमित हो गया था। एम्स में म्यूकर माइकोसिस ट्रीटमेंट टीम के हेड और ईएनटी सर्जन डाॅ. अमित त्यागी ने बताया कि इस मरीज को डायबिटीज की शिकायत थी और इसकी एक आंख की रोशनी चली गई थी। इसके अलावा मरीज की नाक भी बंद हो चुकी थी। जिसके बाद 30 अप्रैल को परिजन उन्हें गंभीर अवस्था में एम्स की इमरजेंसी में लाए थे।

डाॅ. त्यागी ने बताया कि मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए इसकी सर्जरी भी उसी दिन की गई। मरीज की नाक और ऊपरी जबड़े में संक्रमण पूरी तरह फैल चुका था। इन हालातों में समय पर सर्जरी होने के कारण उसके शरीर के अन्य अंग फंगस की चपेट में आने से बच गए।

उन्होंने बताया कि उचित मात्रा में एम्पोटेरेसिन इंजेक्शन देने और अन्य दवाओं की उपलब्धता की वजह से रोगी की हालत में सुधार हुआ, जिसे डिस्चार्ज कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि रोगी की स्थिति अब स्थिर है। सर्जरी करने वाली टीम में डा. अमित त्यागी के अलावा डाॅ. अमित कुमार और डाॅ. भियांराम आदि शामिल थे।

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