उत्तराखंड ब्रेकिंग : यहां पालिका के 15 निर्वाचित और 3 नामित सभासदों ने दिया सामूहिक इस्तीफा

 

नैनीताल : नगर पालिका नैनीताल के निर्वाचित और सरकार द्वारा मनोनीत सभासदों ने पालिका, प्रशासन पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए सामूहिक इस्तीफा दे दिया है। उन्हें हस्ताक्षरयुक्त इस्तीफा कमिश्नर को सौंपा। इस घटना के बाद से शासन में हचलचल मच गई है। शुक्रवार को सौंपे गए इस्तीफे में कहा गया है कि पालिका एवं शासन और प्रशासन, सीएम हेल्प लाइन पर की गयी शिकायतों, पत्रों का संज्ञान नहीं लिया जाता है।

बता दें कि नैनीताल उत्तराखंड का दिल कहलाया जाता है। यहां उच्च न्यायालय, कमिश्नरी, जिलाधिकारी, नैनीताल आदि अतिविशिष्ट कार्यालयों के मुख्यालय स्थापित हैं, इसके बाद भी पालिका प्रशासन, जिला प्रशासन और सरकार द्वारा जनहित की शिकायतों का संज्ञान नहीं लिया जा रहा है और न ही शासन प्रशासन का संबंधित अपने-अपने विभागों के अधीन कर्मचरियों पर कोई जनहित एवं विभागीय कार्यों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। जन समस्याओं के संबंध कई बार पत्राचार किया जा चुका है। पर कोई कारवाई किये जाने के बजाय औपाचारिकता के लिए कार्य किया जाता है।

स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस, गांधी जयन्ती आदि समारोह से संबंधित बैठकों में सभासदों को नजरअंदान कर आमंत्रित नहीं किया जाता है। पालिका की शह पर हो रहे अवैध कार्यों के संबंध में की गयी शिकायतों पर भी कोई कार्रवाई नहीं होती है। अधिकारियों द्वारा समाधान करने के बजाय तथ्यों को छुपाने की चेष्टा की जाती है।

पालिका के कर अधीक्षक, कर निरीक्षक एवं लेखाकर का शहरी विकास विभाग द्वारा स्थानान्तरण किया गया लेकिन नैनीताल में उक्त पदों पर नई तैनाती नहीं की गयी है। जिससे पालिका के कार्यों में प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। इस्तीफा देने वालों में सभासद निर्मला चंद्रा, सुरेश चंद्र, सागर आर्य, मनोज जगाती, भगवत रावत, गजाला कमाल, दीपक बर्गली, सपना बिष्ट, कैलाश रौतेला, दया सुयाल, मोहन नेगी, प्रेमा अधिकारी, रेखा आर्य, नामित सभासद मनोज जोशी, तारा राणा, राहुल पुजारी शामिल हैं।

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