बड़ी खबर : कैबिनेट मंत्री धन सिंह रावत समेत 11 पदाधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज

देहरादून : उत्तराखंड में आचार संहिता लागू हो गई है। रैलियों पर रोक लगाई गई है। ऐसे में जनता तक वोट की अपील पहुंचाने के लिए मंत्री विधायक सोशल मीडिया का सहारा ले रहे हैं और घर घर जाकर अपनी बात पहुंचा रहे हैं. लेकिन कई जगहों पर कोरोना नियमों का भी उल्लंघन हो रहा है. प्रदेश में आचार संहिता लागू होने पर भी बैठक का आयोजन किया जा रहा है। भीड़ जमा की जा रही है। ऐसा ही करने पर चुनाव आयोग की सख्ती के बाद कैबिनेट मंत्री धन सिंह रावत और भाजपा के जिला अध्यक्ष रघुवीर बिष्ट समेत 11 पदाधिकारियों पर  मुकदमा दर्ज किया गया है. बता दें कि ये कार्रवाई कांग्रेस की शिकायत पर की गई है।

इस वजह से दर्ज हुआ केस
कांग्रेस का आरोप था कि इस दौरान बीजेपी के मंडल अध्यक्षों और कार्यकर्ताओं को बुलाया गया था, जिसके बाद कार्यकर्ताओं की बैठक भी ली गई, जिसे कांग्रेस ने आचार संहिता के तहत लागू धारा 144 और कोविड-19 के तहत प्रदेश में किसी भी प्रकार की बैठकों, रैलियों और सभाओं पर लगे प्रतिबंध का उल्लंघन बताया था. वहीं, कांग्रेस की ओर से बीजेपी के कार्यक्रम की फोटो और वीडियो भी सोशल मीडिया पर सार्वजनिक किए गए हैं. इस दौरान शुक्रवार को इस मामले में उड़न दस्ता टीम की तहरीर पर गोपेश्वर थाने में कैबिनेट मंत्री डा. धनसिंह रावत, बीजेपी जिलाध्यक्ष रघुवीर सिंह बिष्ट सहित 11 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है.

वहीं, इस मामले में बदरीनाथ विधानसभा क्षेत्र के रिटर्निंग ऑफिसर की ओर से गुरुवार को ही बीजेपी जिलाध्यक्ष को इस मामले में नोटिस जारी किया गया है. इसमें लिखा है बीजेपी कार्यालय में बिना अनुमति के 5 से ज्यादा लोगों की भीड़ एकत्रित हुए और नारेबाजी व बैठक की, जोकि धारा 144 और आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन है. इस दौरान नोटिस में उन्हें 24 घंटे के अंदर अपना पक्ष रखने के लिए उपस्थित होने के लिए कहा गया है.

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