उत्तराखंड : धामी सरकार ने दी वेतन बढ़ोतरी की सौगात, अधिकारियों ने कर दी कटौती, टीचरों में आक्रोश

देहरादून। उत्तराखंड शिक्षा विभाग में कार्यरत गेस्ट टीचरों को एक ओर जहां धामी सरकार के द्वारा मानदेय बढ़ोत्तरी का तोहफा दिया गया है और वेतन 15 हजार से 25 हजार किए जाने पर कैबिनेट ने मुहर लगा दी है। वहीं अभी 10 हजार बढा़ए गए मानदेय का आदेश शासन से जारी नहीं हुआ है,तो दूसरी तरफ गेस्ट टीचरों के मानदेय कटौती के आदेश से गेस्ट टीचरों में आक्रोश है।

दरअसल अल्मोड़ा जिले के मुख्य शिक्षा अधिकारी के द्धारा एक आदेश जारी किया गया है,जिसमें उन्होंने ग्रीष्मकालीन अवकाश के द्धारा गेस्ट टीचरों के वेतन भुगतान न करने की बात कही है लेकिन सवाल इस बात का है कि जब पिछले साल गेस्ट टीचरों को ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान का वेतन दिया गया था,तो क्या इस बार गेस्ट टीचरों को ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान वेतन नहीं मिलेगा और अगर वेतन कटेगा तो फिर गेस्ट टीचरों को इसे बड़ा नुकसान है,क्योंकि इस वर्ष ग्रीष्मकालीन अवकाश करीब 20 दिन पहले कोविड महामारी की लहर को देखते हुए पहले घोषित किया गया था,जबकि 1 जुलाई से स्कूल खुलने की बजाय 12 जुलाई को स्कूल खुले हैं,जिससे अगर आदेश पर अमल हुआ तो करीब 2 महीने से ज्यादा का वेतन गेस्ट टीचरों का कट जाएगा। जबकि खास बात ये है कि कुछ जिलों में गेस्ट टीचरों को जून महीने तक का वेतन जारी किया जा चुका है। तो क्या जो वेतन गेस्ट टीचरों को मिल चुका है उसको शिक्षा विभाग वापस लेगा या फिर उस वेतन को आगे आने वाले महीनों में एडजस्ट किया जाएगा।

कोन बोल रहा है झूठ
आदेश में अल्मोड़ा जिला शिक्षा अधिकारी के द्धारा जो बात कही गई है कि उसमे उन्होंने माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीमा जौनसारी के मौखिक आदेश की बात कही है कि निदेशक ने मौखिक में कहा है कि जिन खंडों में गेस्ट टीचरों को ग्रीष्मकालीन अवकाश का मानदेय दिया जा चुका है,उसको आगामी महीने में एडजस्ट किया जाए लेकिन जब हमने माध्यमिक शिक्षा अधिकारी से जानकारी ली कि उन्होने कोई ऐसा मौखिक आदेश जारी किया है तो उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने ऐसा कोई मौखिक आदेश जारी नहीं किया। वहीं जून महीने का मानदेय गेस्ट टीचरों को जारी करने को लेकर सीमा जौनसारी कहती है कि जो भी गेस्ट टीचरों के साथ अनुबंध पत्र में बात हुई है उसके तहत मानदेय पर अम्ल किया जाएगा।

क्या सरकार दिखाएगी बड़ा दिल?

गेस्ट टीचरेां को ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान का वेतन दिया जाएं या नहीं ये अब सरकार को तय करना होगा,क्योंकि शिक्षा विभाग के अधिकारियों में इसको लेकर कोई स्पष्ट राय नजर नहीं आ रहीं है। ऐसे में देखना ये होगा कि जब मामला शिक्षा मंत्री या मुख्यमंत्री के समक्ष आएगा तो क्या निर्णय शिक्षा मंत्री या मुख्यमंत्री ले पाएंगे। और जब पिछले वर्ष गेस्ट को ग्रीष्मकालीन अवकाश का वेतन जारी किया गया था,तो क्या इस बार का वेतन भी सरकार देगी। हांलाकि शिक्षा विभाग के अधिकारियों को कहना है कि पिछले वर्ष गेस्ट टीचरों को ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान ऑनलाईन पढ़ाई कराने का आदेश जारी हुआ था,इसलिए पिछले साल वेतन ऑनलाईन पढ़ाई कराने के लिए गेस्ट टीचरों को दिया गया था। जबकि इस बार ऐसा कोई आदेश नहीं हुआ है। जबकि गेस्ट टीचरों को कहना है कि कई गेस्ट टीचरों ने ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान बच्चों को पढ़ाया यहां तक कई गेस्ट टीचरों ने कोविड 19 में भी ड्यूटी की है,इसलिए गेस्ट टीचरों को वेतन ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान मिलना चाहिए।

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