बिग ब्रेकिंग : किसान आंदोलन को लेकर बड़ा खुलासा, उत्तराखंड से है ये संबंध!

नई दिल्ली : किसान आंदोलन में एक बड़ी साजिश को बेनकाब कर दिया। किसानों के आंदोलन में एक शूटर रेकी करने के लिए घुस आया, जिसे किसानों ने पकड़ लिया। शुटर ने जो खुलासे किए हैं। उसने सबके होश उड़ा कर रख दिए। सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी चूक का भी खुलासा किया। साथ ही कई ऐसे खुलासे किए, जिनको सुनकर सब हैरान रह गए।

पकड़े गए लड़के का संबंध उत्तराखंड से भी है। दरअसल, मूल रूप से उत्तराखंड का निवासी है और पिछले कई सालों से उनका परिवार हरियाणा के सोनीपत में रह रहा है। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार किसान नेता बलबीर सिंह राजेवाल, राकेश टिकैत, हरेंद्र सिंह लखोवाल ने बताया कि शुक्रवार शाम को एक युवक कुंडली औद्योगिक क्षेत्र की सड़क के मोड़ पर किसानों से कहने लगा कि यहां लड़कियों के साथ छेड़छाड़ हो रही है।

किसानों ने उससे पूछा कि किस लड़की के साथ छेड़छाड़ हुई है। वह जवाब नहीं दे सका तो उसपर किसानों को शक हुआ और उसे पकड़ लिया, जिसके बाद उसने पूरा मामला बताया कि वह मूलरूप से उत्तराखंड का रहने वाला है और उसका परिवार पिछले 18 साल से सोनीपत में रहता है।

 उसको दस हजार रुपये देने की बात कहकर धरनास्थल पर भेजा गया था और उसके समेत आठ युवक व पूजा, सुनीता नाम की दो लड़कियां वहां 19 जनवरी से किसानों की रेकी कर रही हैं। उनको लैंडलाइन फोन से निर्देश दिए जाते हैं तो प्रदीप सिंह नाम का युवक खुद को राई थाने का एसएचओ बताकर वर्दी में उनसे कुंडली के पास मिलता है।

उनको दस-दस हजार रुपये मिलने थे और उनको केवल यह देखकर बताना था कि किसानों के पास हथियार है या नहीं। इसलिए ही उसने लड़की के साथ छेड़छाड़ होने की बात कही थी कि किसान तुरंत हथियार लेकर आ जाएंगे। पकड़े गए युवक ने बताया कि उनका काम अभी रेकी करना था तो ट्रैक्टर परेड से पहले यहां 60 युवक आने हैं। वह सभी पुलिस की वर्दी में रहेंगे और उनके पास हथियार भी रहेंगे। वह हथियार उनको कुंडली में 23-26 जनवरी के बीच एक रेस्टोरेंट के पास दिए जाने है।

उनको किसान परेड में लाठीचार्ज करने के साथ ही पहले हवाई फायरिंग करनी है और उसके बाद सीधे गोली मारनी है। इसके साथ ही तिरंगा भी गिराने की साजिश रची गई। जिससे वहां बवाल हो जाए और दंगा शुरू हो जाए। युवक ने खुद बताया कि करनाल में कृषि कानूनों के समर्थन में किसान महापंचायत होनी थी। जहां किसानों ने सीएम मनोहर लाल की रैली का विरोध किया था।

उस रैली से पहले विरोध कर रहे किसानों पर इस तरह ही पुलिस की वर्दी पहनकर बाहरी युवकों ने लाठीचार्ज किया था। वहीं इसके अलावा जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान भी इस तरह ही बवाल किया गया था। इसमें उसने सुमित व प्रदीप के नाम बताए है कि सुमित ने उससे मिलवाया था और प्रदीप यह बवाल कराता है।

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