भोलेनाथ के प्रिय सावन की आज से हुई शुरुआत, इस बार होंगे 8 सोमवार के व्रत, जानें महत्व और कारण

आज 4 जुलाई से शिव के प्रिय महिने सावन की शुरूआत हो गई है। सावन के पूरे महिने शिवजी की आराधना की जाती है। इस बार सावन का महीना 58 दिनों का होगा। 4 जुलाई से लेकर 1 अगस्त तक सावन का महीना चलेगा। इस दौरान 18 जुलाई से 16 अगस्त तक अधिक मास रहेगा। इसी कारण से इस वर्ष सावन का महीना 2 महीने का होगा।
सावन में विष्णु योगनिद्रा मे रहते हैं
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कहा जाता है कि देवशयनी एकादशी से लेकर देवउठनी एकादशी तक भगवान विष्णु योगनिद्रा में होते हैं। ऐसे में सृष्टि का संचालन भगवान शिव के हाथों में रहता है। अधिकमास के चलते इस बार चातुर्मास चार के बजाय पांच महीनों का होगा। सावन का महीना भगवान शिव को बहुत ही प्रिय होता है। हिंदू पंचांग के अनुसार सावन का महीना पांचवां महीना होता है।
क्या है सावन महिने का महत्व
सावन का महिना पांचवा महिना होता है। आषाढ़ के खत्म होने के बाद सावन श्रावण माह के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि से सावन का पवित्र महिना शुरू हो जाता है। सावन का महिना भगवान शिव को काफी प्रिय होता है।
भगवान शिव को सावन मास प्रिय होने का कारण
बताया जाता है कि सावन के महिने ही मां पार्वती ने भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए कठोर तप किया था। जिससे भगवान शिव ने प्रसन्न होकर मां पार्वती को पत्नी के रूप में स्वीकार किया था। सावन के महीने में शिवलिंग का जलाभिषेक और रुद्राभिषेक का विशेष महत्व होता है। पूरे सावन महीने के दौरान हर दिन शिवजी की पूजा-उपासना करने पर सभी तरह की मनोकामना जल्दी पूरी होती हैं। सावन के महीने में सोमवार व्रत, मासिक शिवरात्रि और कांवड़ यात्रा का विशेष महत्व होता है।
सावन के व्रत का विशेष महत्व
इस बार कुल 8 सोमवार तक सावन के व्रत रखे जाएंगे। सावन के व्रत को काफी खास माना जाता है। शास्त्रों में सोमवार का दिन भगवान शिव को समर्पित होता है। इस कारण से सावन सोमवार का महत्व है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सावन के महीने ही मां पार्वती ने भगवान शिवजी को पति के रूप में पाने के लिए कठोर तप किया था। मां पार्वती की कठोर तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें पत्नी के रूप में स्वीकार किया था। इस तरह से मां पार्वती का विवाह भगवान शिव के साथ हुआ। ऐसे में सावन का महीना भगवान शिव और माता पार्वती दोनों का प्रिय महीना था। इस कारण से सावन के महीने में पड़ने वाले हर सोमवार का काफी महत्व होता है। सावन का महीना और इसमें पड़ने वाले सोमवार व्रत का सुहागिन महिलाओं और कुंवारी कन्याओं के लिए बहुत ही खास होता है। सावन सोमवार के दिन विवाहित महिलाएं दिनभर व्रत रखते हुए शिवजी और माता पार्वती की पूजा-अर्चना करते हुए पति की लंबी आयु और सुख-समृद्धि की कामना करती हैं। वहीं दूसरी तरफ सावन सोमवार का व्रत कुंवारी कन्याएं शिवजी की पूजा करते हुए अपने लिए सुयोग्य वर की कामना करती हैं।
सावन माह की प्रमुख तिथियां
इस साल अधिकमास के कारण सावन महिना 58 दिनों तक चलेगा। सावन महिने की शुरूआत के साथ ही कई व्रत- त्योहार हबी आरंभ हो जाते हैं। 4 जुलाई से 31 अगस्त तक सावन का महिना चलेगा। इस दौरान कई त्योहाक मनाए जाएंगे। 6 जुलाई को संकष्टी चतुर्थी, 13 जुलाई को कामिका एकादशी, 15 जुलाई को मासिक शिवरात्रि, 17 जुलाई को श्रावण माह की अमावस्या, 19 अगस्त को हरियाली तीज, 21 अगस्त नाग पंचमी, 30 अगस्त को रक्षा बंधन का त्योहार मनाया जाएगा। सावन के महीने इस बार 8 सोमवार व्रत पड़ने वाले हैं। पहला सोमवार व्रत 10 जुलाई को रहेगा।