उत्तराखंड विधानसभा चुनाव को लेकर ज्योतिषाचार्यों की भविष्यवाणी, पढ़िए किसे होगी सत्ता हासिल!

उत्तराखंड में 14 फरवरी को मतदान होना है. अब राज्य में प्रचार प्रसार के लिए दिग्गजों की लाइन लगी हुई है। बीजेपी समेत कांग्रेस और अन्य पार्टियों के स्टार प्रचारक उत्तराखंड आ रहे हैं और वोट की अपील कर रहे हैं। प्रियंका और राहुल गांधी के साथ शिवराज चौहार, खट्टर समेत जेपी नड्डा उत्तराखंड आ चुके है। प्रदेश की जनता प्रत्याशियों के और राज्य का भविष्या तय करेगी। कांग्रेस बीजेपी दोनों अपनी पार्टी के सत्ता में आने का दावा कर रही है। हवा किस ओर बह रही है वो दिख रहा है। कभी कांग्रेस तो कभी बीजेपी लग रहा है। लेकिन आइये जान लेते हैं आखिर उत्तराखंड के चुनाव को लेकर ज्योतिषीय गणना क्या है और पंकज कलखुड़िया क्या कहते हैं। जानते हैं कि उत्तराखंड में ज्योतिषीय गणना के अनुसार किसकी सरकार बनती दिख रही है औऱ सीएम धामी की राजनीतिक स्थिति क्या है।

सटीक बैठी हैं अब तक की भविष्यवाणियां

पंकज कलखुडिया,यह नाम विगत कुछ समय से ज्योतिषीय अंक गणनाओं के माध्यम से भविष्यवाणी करने की दिशा में बेहद चर्चाओं में है।पंकज द्वारा पिछले कुछ वर्षों में की गई राजनीतिक भविष्यवाणीयां बेहद सटीक साबित हुई है जिनमें अक्टूबर 2020 को तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की कुर्सी को लेकर की गई भविष्यवाणी प्रमुख है। पंकज द्वारा ज्योतिषीय गणनाओं के आधार पर कहा गया था कि आने वाले चार-पांच महीने उत्तराखंड की राजनीति में सियासी भूचाल वाले है जिसमे त्रिवेन्द्र रावत की मुख्यमंत्री की विदाई संभव है। उसके बाद पंकज कलखुड़िय ने तीरथ रावत को लेकर एक विडियो जारी किया था जिसमें बताया था कि 2 जुलाई 2021 से तीरथ जी का समय खराब चल रहा है, ठीक 2 जुलाई के दिन ही तीरथ जी का इस्तीफा भी हुआ था.

उत्तराखंड सहित देश के पांच राज्यों में इन दिनों चुनावी घमासान मचा हुआ है। राजनीतिक दल अपनी अपनी सरकार बनने का दावा कर रहे हैं। इन तमाम दावों के बीच उत्तराखंड एवं वर्तमान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की राजनीतिक स्थिति को लेकर क्या कहती है पंकज कलखुडिया की ज्योतिषीय गणना।

उत्तराखंड विधानसभा चुनाव को लेकर क्या कहना है पंकज का..

2022 के उत्तराखंड विधानसभा चुनाव को लेकर पंकज का कहना है कि उत्तराखंड राज्य की कुंडली में बुद्धदेव की महादशा में शनि देव की अंतर्दशा चल रही है राज्य की कुंडली में शनि देव का वर्तमान गोचर इंगित करता है कि उत्तराखंड राज्य में जो 2017 के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की जितनी सीट आई थी उसमें भारी गिरावट दिख रही है।

कांग्रेस की स्थिति को लेकर भविष्यवाणी

मतदान 14 फरवरी के दिन मकर लग्न में होना है, मकर लग्न की कुंडली में लग्न में शनि देव एवं बुध देव विराजमान है,बुध देव छठे भाव के स्वामी हैं जो कि किसी भी सरकार को बहुमत के आंकड़े के पास लाकर रोक देगा। चुनाव के दिन मकर लग्न की इस कुंडली में देव गुरु बृहस्पति की दशा चल रही है जिसके अंतर्दशा में शनि देव और प्रत्यंतरदशा में मंगल देव है।देव गुरु बृहस्पति की अंतर्दशा में शनि देव है। मंगल देव के प्रत्यंतर में कांग्रेस एक सैनिक की भाँति चुनाव में संघर्ष करेगी और एक मजबूत स्थिति में दिखेगी.

दोनों राजनीतिक दल बिल्कुल बराबर की सीटें ला रहे है

गृहों की स्थितियों का आंकलन करने से पता चलता है कि चुनावी परिणाम में दोनों राजनीतिक दल यानी की कांग्रेस और भाजपा बराबर की बाजी मारेंगे यानी की बराबर सीटें हासिल करेंगे। ज्योतिषीय गणना के अनुसार भाजपा 29 से 33 सीटें तो वहीं कांग्रेस 28 से 32 सीटें ले सकती है। वहीं आप 2 से 3 सीटें लेतीदिख रही है। सबसे बड़ा बोलबाला निर्दलीय प्रत्यशियों का रहेगा जिन्हें लगभग 2 से 3 सीटें मिलती दिख रही हैं।ज्योतिषीय गणनाएँ पांचवी विधानसभा में उत्तराखंड में त्रिशंकु सरकार बनने का इशारा दे रही हैं।

वहीं अब उत्तराखंड विधानसभा चुनाव को लेकर पंकज का कहना है कि उत्तराखंड राज्य की कुंडली में बुद्धदेव की महादशा में शनि देव की अंतर्दशा चल रही है. राज्य की कुंडली में शनि देव का वर्तमान गोचर इंगित करता है कि उत्तराखंड राज्य में जो 2017 के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की जितनी सीट आई थी उसमें भारी गिरावट दिख रही है। मतदान 14 फरवरी के दिन मकर लग्न में होना है, मकर लग्न की कुंडली में लग्न में शनि देव एवं बुध देव विराजमान है,बुध देव छठे भाव के स्वामी हैं जो कि किसी भी सरकार को बहुमत के आंकड़े के पास लाकर रोक देगा। चुनाव के दिन मकर लग्न की इस कुंडली में देव गुरु बृहस्पति की दशा चल रही है जिसके अंतर्दशा में शनि देव और प्रत्यंतरदशा में मंगल देव है।देव गुरु बृहस्पति की अंतर्दशा में शनि देव है। मंगल देव के प्रत्यंतर में कांग्रेस एक सैनिक की भाँति चुनाव में संघर्ष करेगी और एक मजबूत स्थिति में दिखेगी.

 

सीएम धामी को लेकर भविष्यवाणी

मुख्यमंत्री पुष्कर धामी के कुंडली एवं जन्मतिथि का आंकलन करने पर पता चलता है कि पुष्कर धामी के अंक सूर्य एवं बुद्धदेव से प्रभावित है। आपका जो विशेष वर्ष चल रहा है वह शनिदेव का है।यह वर्ष विशेष रूप से पुष्कर सिंह धामी को काफी तनाव देने वाला है।साथ ही चुनाव में विपक्षी कांग्रेस के भुवन कापड़ी के अंक चंद्रमा एवं राहु द्वारा प्रभावित नजर आ रहें है एवं विशेष वर्ष सूर्य पर चल रहा है। सूर्य और शनि दोनों सत्ता दिलाने का कार्य करते हैं अर्थात दोनों के मध्य में चुनाव सांसे थमा देने वाला रहेगा। जीत-हार में अंतर बेहद मामूली सा रह सकता है।
ज्योतिषाचार्य डॉ. घिल्डियाल की भविष्यवाणी
वहीं ज्योतिषाचार्य डॉ. घिल्डियाल का कहना है कि उत्तराखंड राज्य की जन्मकुंडली और ज्योतिषीय दृष्टि से मुख्यमंत्री पद के दावेदारों के भविष्य की संभावनाओं को बांचने के बाद वह अपनी भविष्यवाणी के निष्कर्ष पर पहुंचे हैं। बताया कि 2022 के वर्तमान में उत्तराखंड राज्य की कुंडली में बुद्ध ग्रह की महादशा में शनि की अंतर्दशा चल रही है। कुंडली में शनि का वर्तमान गोचर इंगित करता है कि सत्ता के लिए आखिरी दिनों में संघर्ष इतना बढ़ जाएगा कि सियासी पार्टियों के बीच एक-एक सीट हासिल करने के लिए हर तरह का हथकंडा आजमाया जाएगा। हालांकि उसके बाद भी प्रमुख दलों को अपेक्षित नतीजे मिलेंगे, इसमें संशय है।

 

घिल्डियाल के अनुसार 14 फरवरी को मतदान के दिन मकर लग्न प्रभावी रहेगा। मकर लग्न की कुंडली में लग्न में शनि एवं बुध विराजमान है। बुध ग्रह छठवें भाव के स्वामी हैं, जो शत्रु का घर कहलाता है। उस दिन सोमवार है। सुबह 7:30 से 9:00 तक राहुकाल रहेगा, इसलिए कई प्रकार के विवाद, कोर्ट केस की भी आशंकाएं हैं। यह योग स्वयं में सियासी दलों को बहुमत के आंकड़े के करीब रोकने की ताकत रखता है।

किसी भी दल को नहीं मिलेगा प्रचंड बहुमत

घिल्डियाल के अनुसार चुनाव के दिन मकर लग्न की इस कुंडली में देवगुरु बृहस्पति की दशा चल रही है। जिसकी अंतर्दशा में शनि देव और प्रत्यंतरदशा में मंगल देव है। देवगुरु बृहस्पति की अंतर्दशा में शनिदेव है। मंगल देव के प्रत्यंतर में चुनाव होने से स्त्रियों और दलितों को लाभ संभव है। स्पष्ट शब्दों में, इस वर्ष 2022 के चुनाव में मजबूत विपक्ष की भूमिका अवश्य तैयार होगी। यानि कि किसी भी दल को न तो प्रचंड बहुमत मिल रहा है, और न ही पूर्ण बहुमत। पक्ष और विपक्ष के बीच विधानसभा सीटों का अंतर बेहद कम रहेगा। इसलिए जो दल जनता के मन को जीत पाएगा, वह बुद्धि और चातुर्य से सरकार बनाएगा।

डॉ. घिल्डियाल के अनुसार 2022 के चुनाव में पहली बार किस्मत आजमा रहे दल और निर्दलीय मामूली सीटों को ही प्रभावित करेंगे। परंतु जिन सीटों पर दलों से अलग होकर स्त्री जातक चुनाव लड़ रही हैं, शनिदेव उन्हें अप्रत्याशित रूप से विजय भी दिला सकते हैं, या वह अपने ही दलों को नुकसान पहुंचाने की स्थिति में भी हो सकते हैं। ज्योतिष विभूषण सम्मान प्राप्त आचार्य चंडी प्रसाद बताते हैं कि पक्ष-विपक्ष में मुख्यमंत्री पद के दावेदार इस चुनाव में अपनी विधानसभाओं में बुरी तरह से घिरे रहेंगे। उनकी जीत-हार का निर्णय बेहद कम अंतर से होगा।

बता दें, कि डॉ. चंडी प्रसाद धिल्डियाल इससे पहले भी राजनीतिक घटनाक्रमों पर कई भविष्यवाणियां कर चुके हैं, जो बेहद सटीक साबित हुई हैं। जो कि हाल के वर्षों के तीन मुख्यमंत्रियों बारे थीं। वर्ष 2019 में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को बदलने की चर्चा पर उन्होंने इसे अपनी गणना में खारिज किया था। इसके बाद उन्होंने सीएम तीरथ सिंह रावत के बयानों से विवाद पैदान होने की भविष्यवाणी की थी, जिससे उन्हें भी पद त्यागना पड़ा। तीसरे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की कार्यशैली की जनता में प्रशंसा की बात भी डॉ. घिल्डियाल अपने ज्योतिषीय आंकलन के जरिए कर चुके हैं।

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