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Arshad Nadeem Gold: चंदा लेकर की ट्रेनिंग, पिता है मजदूर, जानें कौन हैं अरशद नदीम जिन्होंने नीरज चोपड़ा को दी मात

पाकिस्तान के अरशद नदीम ने पेरिस ओलंपिक में जैवनिन थ्रो में गोल्ड मेडल(Arshad Nadeem Gold) जीतकर इतिहास में अपना नाम दर्ज कर दिया है। बीते दिन हुए भाला फेंक फाइनल मुकाबले में उन्होंने 92.97 मीटर का थ्रो (world record in javelin throw) फेका। इस थ्रो ने ना सिर्फ उन्हें गोल्ड जिताया। बल्कि ओलंपिक रिकॉर्ड में भी अपना नाम दर्ज करवाया। ये नदीम के साथ-साथ पाकिस्तान के लिए भी ऐतिहासिक पल है। पाकिस्तान के नाम ये ओलंपिक में पहला गोल्ड मेडल है।

2024 paris olympics

आसान नहीं था अरशद का सफर (Arshad Nadeem Struggle)

गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रचने वाले अरशद नदीम का सफर आसान नहीं था। 27 वर्षीय अरशद (arshad nadeem age) का जन्म दो जनवरी, 1997 को पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में हुआ था। वो मियां चन्नू शहर के पास एक छोटे से कस्बे में रहते थे। इसकी दूरी लाहौर से करीब 300 किलोमीटर दूर है। उनके पिता मोहम्मद अशरफ एक रिटायर्ड निर्माण मजदूर हैं।

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बता दें कि अरशद को शुरूआत में भाला फेंक में कोई दिलचस्पी नहीं था। उन्हें क्रिकेट से प्यार था। लेकिन उनके परिवार ने उन्हें क्रिकेट खेलने से मना किया। जिसके बाद उन्होंने एखलेटिक्स में जाना चाहा। अरशद बेहद गरीब परिवार से आते है। उनका उद्देश्य एथलीट बन सरकारी नौकरी पाने का था। आगे बढ़ने के लिए उन्होंने जैवलिन थ्रो को चुना।

चंदा मांगकर करवाई ट्रेनिंग

अरशद जो आज इस मुकाम पर है उसके लिए उन्होंने कड़ी मेहनत की है। उनके परिवार ने गरीबी देखी है। रिपोट्स की माने तो एक वक्त था जब उनके पिता ने गांव वालों से चंदा मांगकर उनकी ट्रेनिंग के पैसे भरे थे। उनके पिता ने बताया कि ट्रेनिंग के लिए गांव के लोगों और रिश्तेदारों ने पैसे दिए। साथ ही नदीम की यात्रा का खर्चा भी उठाया। शुरूआत में उनके पास एक अच्छा भाला तक नहीं था। इसी साल उन्होंने एक अच्छे भाले की अपील की था।

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अरशद की उपलब्धियां (Arshad Nadeem medals)

अरशद को निखारने में उनके कोच फैसल अहमद का काफी हाथ है। शुरू से उन्होंने ही अरशद को ट्रेनिंग दी। बता दें कि कॉमनवेल्थ गेम्स में पहली बार अरशद ने 90 मीटर से ऊपर का थ्रो किया। अभी तक वो ही एकमात्र एशियन खिलाड़ी है जिन्होंने 90 मीटर का थ्रो किया। राष्ट्रमंडल खेल 2022 में उन्होंने गोल्ड पदक अपने नाम किया था। जिसके बाद साल 2023 में हुई विश्व चैंपियनशिप में उन्होंने सिल्वर मेडल जीता। अब ओलंपिक में ना सिर्फ उन्होंने गोल्ड जीता बल्कि अपने नाम सबसे लंबा भाला फेकने का रिकॉर्ड भी दर्ज कर लिया है।

Uma Kothari

उत्तराखंड की डिजिटल मीडिया से जुड़ी युवा पत्रकार उमा कोठारी इस समय खबर उत्तराखंड.कॉम के साथ काम कर रही हैं। उमा अलग-अलग बीट पर खबरें लिखती हैं, जिनमें देश-दुनिया की राजनीतिक गतिविधियों की अहम खबरें, मनोरंजन, खेल और ट्रेंड से जुड़ी अपडेट शामिल हैं। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करते हुए वे ट्रेंड और तथ्य दोनों का संतुलन बनाए रखती हैं, ताकि पाठकों तक सही और ज़रूरी जानकारी पहुंचे।
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